गंगा स्नान बना काल, छोटे भाई को बचाया गया, बड़े की डूबने से मौत ..

काफी मशक्कत के बाद छोटे भाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हिमांशु गंगा की तेज धारा और गहराई में लापता हो गया. स्थानीय लोगों ने लगातार खोजबीन की और कुछ समय बाद उसे नदी से बाहर निकाला.

 




                              


  • साधु घाट पर नहाने के दौरान हुआ हादसा, परिवार के सामने गंगा में समाया किशोर
  • सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित, गांव में पसरा मातम

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाढ़ोपुर नारा स्थित साधु घाट पर सोमवार की सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसे में किशोर की डूबने से मौत हो गई. घटना उस समय हुई जब दो सगे भाई स्नान के दौरान गंगा नदी में उतर गए और गहरे पानी में चले गए. छोटे भाई को तो परिजनों ने किसी तरह बचा लिया, लेकिन बड़ा भाई पानी में डूब गया. बाद में स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी.

जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जोकही गांव निवासी दिनेश राय का पुत्र हिमांशु राय अपने माता-पिता और भाई के साथ सोमवार सुबह गंगा स्नान के लिए साधु घाट पहुंचा था. बताया जाता है कि परिवार के अन्य सदस्य अभी घाट पर ही थे कि हिमांशु और उसका छोटा भाई गंगा नदी में उतर गए. कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में पहुंच गए और डूबने लगे.

दोनों भाइयों को डूबता देख परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई. परिवार के सदस्य और आसपास मौजूद लोग तुरंत उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े. काफी मशक्कत के बाद छोटे भाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हिमांशु गंगा की तेज धारा और गहराई में लापता हो गया. स्थानीय लोगों ने लगातार खोजबीन की और कुछ समय बाद उसे नदी से बाहर निकाला.

बेहोशी की हालत में परिजन हिमांशु को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. किशोर की असामयिक मौत से जोकही गांव समेत आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.













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