वीडियो : शहीद भरत तिवारी की स्मृति में कैंडल मार्च, सीबीआई जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उठी मांग ..

रामलीला मंच से वीर कुंवर सिंह चौक तक आयोजित इस मौन मार्च में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और गणमान्य नागरिक शामिल हुए. 





  • सर्वसमाज के बैनर तले रामलीला मंच से वीर कुंवर सिंह चौक तक निकाला गया मौन मार्च
  • न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिलौटी निवासी शहीद भरत तिवारी की स्मृति में रविवार को सर्वसमाज के बैनर तले शहर में कैंडल मार्च निकाला गया. रामलीला मंच से वीर कुंवर सिंह चौक तक आयोजित इस मौन मार्च में बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और गणमान्य नागरिक शामिल हुए. हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाले बैनर लिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

कथित फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी नागरिक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद उसकी हत्या कानून के शासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि संविधान, मानवाधिकार और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है. सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कथित फर्जी एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग की, ताकि निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आ सके.

दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

वक्ताओं ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए. साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर स्पीड ट्रायल के माध्यम से कठोरतम दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने का साहस न कर सके.

परिजनों की सुरक्षा और न्याय की उठी आवाज

सभा में भरत तिवारी के परिजनों को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई. वक्ताओं ने कहा कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है. यदि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो लोकतंत्र और कानून के प्रति जनता का विश्वास कमजोर होगा.

न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प

श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि भरत तिवारी को न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा. लोगों ने कहा कि यह लड़ाई केवल भरत तिवारी के लिए नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के लिए है जो संविधान, न्याय और मानवाधिकारों में विश्वास रखता है. उनका कहना था कि न्याय की यह पुकार अब जनआवाज बन चुकी है, जिसे अनसुना करना शासन और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती होगी.

कार्यक्रम में डॉ. श्रवण कुमार तिवारी, शादाब आलम, नौशाद आलम, अनीश कुमार यादव (अधिवक्ता), शशि बावला, मोनू कुमार (अधिवक्ता), शिक्षक नेता शिवजी दुबे, इंद्रजीत चौबे, मृत्युंजय तिवारी (वामन चेतना मंच), अभिषेक ओझा, रोहित उपाध्याय, राजकमल सिंह, अजय कुमार मिश्रा, राघव कुमार पाण्डेय (अधिवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता), आशुतोष उपाध्याय, मुकुद सनातन, पंकज उपाध्याय, गणेश पाण्डेय, बिपुल चौबे, दयानन्द उपाध्याय, सिद्धार्थ कुमार, निक्कू ओझा, अनिल चतुर्वेदी, मनोज चौबे, बसंत कुमार चौबे (अधिवक्ता), आदिल खान, अमन अली, राघवेंद्र पंडित, दीपक कुमार, श्रीमान मिश्र, मुन्ना तिवारी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे.

राघव पांडेय की रिपोर्ट













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