अस्पताल के गेट पर नवजातों का इलाज करने के मामले में डीएम का बड़ा एक्शन : प्रबंधक निलंबित, डीएस पर विभागीय कार्रवाई शुरु, सीएस से शोकॉज ..

जांच में यह तथ्य सामने आया कि ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने के कारण MNCU में भर्ती एक नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने लगी थी और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी. आपात स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल नवजात को यूनिट से बाहर लाकर उपचार शुरू किया. 

 





                               



  • वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन की सख्ती, कई स्तरों पर तय हुई जवाबदेही
  • ट्रांसफार्मर खराब होने से बाधित हुई थी बिजली आपूर्ति, ऑक्सीजन बंद होने पर बाहर करना पड़ा था उपचार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) के बाहर नवजात बच्चों का इलाज किए जाने का वीडियो सामने आने और खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है. जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, डुमरांव सह प्रभारी अस्पताल प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. वहीं प्रभारी उपाधीक्षक स्वास्थ्य के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है तथा सिविल सर्जन और जिला परियोजना प्रबंधक (स्वास्थ्य) से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरांव ने 9 जून को अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल कर्मियों और विद्युत मिस्त्री ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण पूरे अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी. जेनरेटर से बिजली बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिक लोड होने के कारण व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी.

अस्पताल प्रशासन के अनुसार इसके बाद बिजली का कनेक्शन डायरेक्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन तार में फॉल्ट होने के कारण बीच का तार जल गया. इससे MNCU की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. इसी दौरान ऑक्सीजन सप्लाई भी प्रभावित हो गई.

जांच में यह तथ्य सामने आया कि ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने के कारण MNCU में भर्ती एक नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने लगी थी और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी. आपात स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल नवजात को यूनिट से बाहर लाकर उपचार शुरू किया. चिकित्सकों की तत्परता और सूझबूझ से बच्चे की जान बचाई जा सकी. बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने पर उसे पुनः MNCU में भर्ती कर देखभाल की जाने लगी.

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अस्पताल के गेट के बाहर नवजात बच्चों का इलाज होता दिखाई दे रहा था. वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे. मामले ने तूल पकड़ा तो जिला प्रशासन ने जांच कराई, जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई.

प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.












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