वीडियो : बक्सर धाम के वामन मंदिर को जेल से बाहर निकालने की पहल तेज, विभाग को भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट ..

मुख्यमंत्री के बक्सर दौरे के दौरान भी भगवान वामन चेतना मंच ने वामन पंचकोसी कॉरिडोर, पर्यटन विकास, राज्यस्तरीय महोत्सव और मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार सहित चार सूत्री मांग पत्र सौंपा था. 




                              


  • डीएम ने विभाग को सौंपा विस्तृत प्रस्ताव, सुरक्षा और विकास का रखा गया विशेष ख्याल
  • वामन चेतना मंच ने जताई खुशी, कहा- वर्षों के आंदोलन का दिख रहा परिणाम

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : केंद्रीय कारा परिसर स्थित भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से बाहर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल हुई है. जिला प्रशासन ने मंदिर के स्थानांतरण और उसके समग्र विकास को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कारा विभाग को भेज दिया है. इस पहल के बाद वर्षों से इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे भगवान वामन चेतना मंच के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं में नई उम्मीद जगी है.

हाल ही में मुख्यमंत्री के बक्सर दौरे के दौरान भी भगवान वामन चेतना मंच ने वामन पंचकोसी कॉरिडोर, पर्यटन विकास, राज्यस्तरीय महोत्सव और मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार सहित चार सूत्री मांग पत्र सौंपा था. ऐसे में विस्तृत रिपोर्ट भेजे जाने को मंदिर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

नक्शे और तकनीकी रिपोर्ट के साथ भेजा गया प्रस्ताव

डीएम साहिला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिला प्रशासन ने मंदिर से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर नक्शे के साथ कारा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी है. रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से बाहर किस प्रकार स्थापित किया जा सकता है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि मंदिर को बाहर स्थापित करने के बाद केंद्रीय कारा की सुरक्षा व्यवस्था पर किसी प्रकार का खतरा या प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े.

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय धार्मिक महत्व, श्रद्धालुओं की सुविधा तथा जेल प्रशासन की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है. रिपोर्ट में मंदिर को बाहर स्थापित करने की संभावनाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के उपायों का भी उल्लेख किया गया है.

सुरक्षा से समझौता नहीं

डीएम के अनुसार रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि मंदिर को जेल परिसर से बाहर स्थापित करने के बावजूद सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा. चूंकि मंदिर वर्तमान में केंद्रीय कारा परिसर के भीतर स्थित है, इसलिए रिपोर्ट तैयार करते समय सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया गया है.

प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन कर सुझाव दिए हैं, ताकि भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधा मिल सके.

विभागीय मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

डीएम ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का कार्य रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजना था. अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय संबंधित विभाग द्वारा लिया जाएगा. विभागीय स्तर पर समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.

वर्षों से भगवान वामन मंदिर को जेल परिसर से बाहर लाने की मांग उठती रही है. श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों का कहना रहा है कि मंदिर तक पहुंच और पूजा-अर्चना में कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में यदि मंदिर को बाहर विकसित किया जाता है तो धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

वर्षों के संघर्ष का परिणाम दिखने लगा : मृत्युंजय तिवारी

भगवान वामन चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी ने विस्तृत रिपोर्ट भेजे जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच और श्रद्धालुओं के वर्षों के संघर्ष का परिणाम है. उन्होंने कहा कि भगवान वामन मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक और पौराणिक पहचान का प्रतीक है. यदि मंदिर को भव्य स्वरूप में विकसित किया जाता है तो इससे पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा.

वामन धाम को मिले राष्ट्रीय पहचान : नागेशदत्त पांडेय

मंच के वरिष्ठ सदस्य नागेशदत्त पांडेय ने कहा कि लंबे समय से मंदिर के विकास की मांग की जा रही थी. विस्तृत रिपोर्ट भेजा जाना सकारात्मक पहल है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शीघ्र निर्णय लेकर मंदिर को जेल परिसर से बाहर विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी. इससे वामन धाम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

भगवान वामन की जन्मभूमि को मिले स्वतंत्र पहचान : राघव पांडेय

भगवान वामन जन्मभूमि मुक्ति अभियान समिति के सदस्य राघव पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजा जाना एक सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल है. उन्होंने कहा कि भगवान वामन की जन्मभूमि को उसकी गरिमा के अनुरूप स्वतंत्र पहचान दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं. मंदिर के जेल परिसर से बाहर आने से श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन-पूजन का अवसर मिलेगा तथा वामन धाम के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित विभाग इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेंगे.

सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : वर्षा पांडेय

सामाजिक कार्यकर्ता तथा लाइफ कोच वर्षा पांडेय ने कहा कि भगवान वामन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है. उन्होंने कहा कि मंदिर को जेल परिसर से बाहर विकसित करने की पहल से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा. वर्षा पांडेय ने कहा कि प्रशासन द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि सरकार शीघ्र निर्णय लेकर वामन धाम के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी.

मंच के अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रशासन की पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो भगवान वामन मंदिर, सिद्धाश्रम और आसपास के पौराणिक स्थलों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. अब श्रद्धालुओं और मंच के सदस्यों की निगाहें विभागीय निर्णय पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि वर्षों पुरानी यह मांग कब धरातल पर उतरती है.

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