योग शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया. मां गंगा के पावन किनारे आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व द आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ फैकल्टी वर्षा पांडेय ने किया.

- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नमामि गंगे और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योग शिविर का आयोजन
- द आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ फैकल्टी वर्षा पांडेय ने बताया योग को तनावमुक्त और संतुलित जीवन का आधार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर :अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को बक्सर के ऐतिहासिक गंगा तट पर योग, आध्यात्म और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम देखने को मिला. जिला प्रशासन एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य योग शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया. मां गंगा के पावन किनारे आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व द आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ फैकल्टी वर्षा पांडेय ने किया.
योग शिविर में जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी समेत जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया. कार्यक्रम के दौरान गंगा तट का वातावरण शंखनाद, मंत्रोच्चार और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर रहा.
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला : वर्षा पांडेय
द आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ फैकल्टी वर्षा पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग आज पूरी दुनिया में एक जनआंदोलन बन चुका है. उन्होंने इस वर्ष की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" पर चर्चा करते हुए कहा कि योग व्यक्ति को बढ़ती उम्र में भी मानसिक रूप से सक्रिय, शारीरिक रूप से स्वस्थ और ऊर्जा से भरपूर बनाए रखता है. योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने का विज्ञान है.
नमामि गंगे और योग का बताया गहरा संबंध
वर्षा पांडेय ने कहा कि जिस प्रकार नमामि गंगे अभियान मां गंगा की स्वच्छता और अविरलता के लिए कार्य कर रहा है, उसी प्रकार योग और प्राणायाम मन, विचार और अंतःकरण को शुद्ध करने का माध्यम हैं. बाहरी और आंतरिक स्वच्छता का यह समन्वय समाज को स्वस्थ दिशा प्रदान करता है.
'योगः कर्मसु कौशलम्' से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने गीता के प्रसिद्ध श्लोक "योगः कर्मसु कौशलम्" का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि योग से एकाग्रता, संतुलन और निर्णय क्षमता बढ़ती है, जिसका सीधा प्रभाव प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा पर पड़ता है. तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी योग अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन करने की शक्ति देता है.
दैनिक जीवन में योग अपनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सफल आयोजन के लिए वर्षा पांडेय और द आर्ट ऑफ लिविंग टीम का आभार व्यक्त किया. उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त जीवन जीने का सामूहिक संकल्प लिया. मां गंगा की लहरों के बीच संपन्न यह आयोजन योग दिवस की भावना को साकार करता नजर आया.




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