कहा कि जिस पुल के निर्माण के लिए उन्होंने वर्षों तक प्रयास किया और जिसका भूमि पूजन किया था, आज उसी पुल के बंद होने से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
- बोले- निर्माण में गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों को मिले सजा
- विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : इटाढ़ी गुमटी ओवरब्रिज में आई दरार और उसके बाद पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए बंद किए जाने पर पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने गहरी पीड़ा व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि जिस पुल के निर्माण के लिए उन्होंने वर्षों तक प्रयास किया और जिसका भूमि पूजन किया था, आज उसी पुल के बंद होने से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक बक्सर की जनता की सेवा एक साधक के रूप में की है. उनका लक्ष्य कभी व्यक्तिगत लाभ या पद प्राप्त करना नहीं रहा. जनता के आशीर्वाद और पार्टी के विश्वास के कारण उन्हें दो बार सांसद बनने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में बक्सर की कई महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान हुआ और अनेक विकास योजनाएं धरातल पर उतरीं.
पुल में आई दरार के मामले पर उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी, लापरवाही या अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए. जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस इंजीनियर, अधिकारी या संबंधित एजेंसी की गलती के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई. उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया लंबी नहीं खिंचनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए.
अश्विनी चौबे ने कहा कि इटाढ़ी गुमटी क्षेत्र की समस्या वर्षों पुरानी थी. यहां लगातार जाम और आवागमन में कठिनाइयों की शिकायतें आती थीं. इसी समस्या के समाधान के लिए वहां एक नहीं बल्कि दो पुलों का निर्माण कराया गया. एक पुल पैदल यात्रियों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों के आवागमन के लिए तथा दूसरा बड़े वाहनों के लिए बनाया गया था.
उन्होंने बताया कि पुल में दरार की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया. साथ ही कहा कि जब तक पुल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन को विद्यार्थियों, मरीजों और आम लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और प्रशासन जनता के हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र समाधान निकालेंगे.
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