वीडियो : डुमरांव में चोरों का कारनामा : पूरा मोबाइल टॉवर ही उखाड़ ले गए बदमाश ..

बताया है कि कंपनी का एक मोबाइल टॉवर डुमरांव नगर के वार्ड संख्या 18 में हरेनाथ यादव की जमीन पर स्थापित था. यह भूमि खाता संख्या 378 तथा प्लॉट संख्या 655 में स्थित है. तकनीकी कारणों से यह टॉवर पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़ा था और कंपनी द्वारा इसे पुनः चालू करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी.




                              


  • 40 मीटर ऊंचा टॉवर, 15 केवीए जनरेटर समेत लाखों रुपये के उपकरण गायब
  • वर्षों से बंद पड़े टॉवर को चालू करने पहुंची टीम को मिला खाली परिसर, थाने में शिकायत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के डुमरांव थाना क्षेत्र में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है. यहां अज्ञात चोरों ने किसी घर या दुकान को नहीं, बल्कि पूरा मोबाइल टॉवर ही गायब कर दिया. जब वर्षों से बंद पड़े टॉवर को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया के तहत कंपनी की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची तो वहां से करीब 40 मीटर ऊंचा मोबाइल टॉवर, 15 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर तथा अन्य तकनीकी उपकरण गायब मिले. मामले को लेकर जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के अधिकारी ने डुमरांव थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में भूमि एवं संचालन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत बैद्यनाथ ओझा ने डुमरांव थाने में दिए आवेदन में बताया है कि कंपनी का एक मोबाइल टॉवर डुमरांव नगर के वार्ड संख्या 18 में हरेनाथ यादव की जमीन पर स्थापित था. यह भूमि खाता संख्या 378 तथा प्लॉट संख्या 655 में स्थित है. तकनीकी कारणों से यह टॉवर पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़ा था और कंपनी द्वारा इसे पुनः चालू करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी.

आवेदन के अनुसार 2 जून को कंपनी की टीम जब स्थल निरीक्षण के लिए पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. परिसर से पूरा मोबाइल टॉवर, 15 केवीए क्षमता का डीजल जनरेटर और अन्य सहायक तकनीकी उपकरण गायब थे. प्रथम दृष्टया आशंका जताई गई है कि अज्ञात चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे टॉवर ढांचे को काटकर और खोलकर चोरी कर लिया.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 40 मीटर ऊंचे टॉवर और भारी जनरेटर को हटाने के लिए चोरों को कई घंटे नहीं बल्कि संभवतः दो दिनों तक लगातार काम करना पड़ा होगा. इसके बावजूद आसपास के किसी व्यक्ति को इसकी भनक नहीं लगी. इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि चोरी को पूरी तैयारी और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है.

कंपनी अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच-पड़ताल की, जिसमें चोरी की घटना की पुष्टि हुई. इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों और विभागीय स्वीकृति के साथ डुमरांव थाने में आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.

इधर, भूस्वामी हरेनाथ यादव ने बताया कि उनकी जमीन पर कंपनी ने टॉवर स्थापित किया था, लेकिन वर्ष 2017 में एग्रीमेंट समाप्त हो गया था. इसके बाद कंपनी की ओर से उन्हें किराए का भुगतान नहीं किया गया. उन्होंने बताया कि टॉवर लंबे समय से बंद पड़ा था और उस स्थान पर उनका भी आना-जाना नहीं होता था. ऐसे में किसी अज्ञात चोर अथवा चोरों ने मौका पाकर टॉवर और उससे जुड़े उपकरणों की चोरी कर ली होगी.

इस अनोखी चोरी की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि आमतौर पर तार, बैटरी या छोटे उपकरण चोरी होने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन पूरा मोबाइल टॉवर और जनरेटर गायब कर देना किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की ओर इशारा करता है. फिलहाल पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है तथा चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.

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