कहा कि शहर में लगने वाले अधिकांश जाम के लिए केवल पुलिस या प्रशासन जिम्मेदार नहीं है, बल्कि आम लोगों की ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी इसकी बड़ी वजह है.

- ट्रैफिक डीएसपी के साथ किया शहर का निरीक्षण, जनता और प्रशासन दोनों को निभानी होगी जिम्मेदारी
- गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई और चालान अभियान चलाने की मांग
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर में लगातार लगने वाले जाम को लेकर बक्सर के विधायक ने ट्रैफिक डीएसपी के साथ विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि शहर में लगने वाले अधिकांश जाम के लिए केवल पुलिस या प्रशासन जिम्मेदार नहीं है, बल्कि आम लोगों की ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी इसकी बड़ी वजह है. उन्होंने कहा कि यदि जनता अनुशासन अपनाए और प्रशासन नियमों का सख्ती से पालन कराए तो बक्सर की ट्रैफिक व्यवस्था बहुत कम समय में सुधर सकती है.
विधायक ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई जगह लोगों को बीच सड़क पर वाहन मोड़ते, गलत दिशा से प्रवेश करते और लेन तोड़ते देखा गया. विशेष रूप से पांडे पट्टी क्रॉसिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि निर्धारित लेन छोड़कर वाहन चलाने से पूरा चौराहा जाम हो जाता है. इसका खामियाजा आम लोगों, छात्रों, मरीजों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है.
उन्होंने प्रशासन से अवैध कट और अनधिकृत रास्तों को पूरी तरह बंद करने तथा प्रभावी बैरिकेडिंग करने की मांग की. साथ ही कहा कि नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी भेदभाव के चालान काटा जाए. उन्होंने कहा कि यदि लोग गलत कर रहे हैं तो उनका भी चालान काटा जाए, तभी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा.
विधायक ने वीआईपी संस्कृति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति को छोड़कर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सायरन का उपयोग नहीं करना चाहिए. जब अधिकारी स्वयं आम नागरिकों की तरह ट्रैफिक का सामना करेंगे, तभी उन्हें वास्तविक समस्याओं का एहसास होगा और स्थायी समाधान निकल सकेगा.
उन्होंने कहा कि बक्सर में अभी ट्रैफिक सिग्नल से अधिक जरूरत ट्रैफिक अनुशासन और कानून के सख्ती से पालन की है. जनता और प्रशासन दोनों अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो शहर की जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है.
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