इसी बीच एक नया मामला यह सामने आया कि, विधायक जिस गाड़ी बीआर 44 पी 0040 को लेकर घूम रहे थे ज्ञात हुआ कि उसका निबंधन ही फर्जी है. परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी से ज्ञात हुआ कि, वह शाहबाद डीआईजी के काफिले में शामिल किसी गाड़ी का नंबर है.
- खुशकिस्मती से बदकिस्मती तक के रंग दिखा रहा नंबर 40
- चुनाव के दौरान शुरू हुआ था इस नंबर से मोह, अभी तक है कायम
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: अपने जमाने के बाहुबली माने जाने वाले सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी को तकरीबन दो दशक से ज्यादा राजनीति में गुजारने के बाद 2015 के विधानसभा चुनाव में सफलता मिली. माना जा रहा था कि, इस सफलता में जहां महागठबंधन की लोकप्रियता का बड़ा योगदान था वहीं, दूसरी तरफ मुन्ना तिवारी के किस्मत ने भी उन्हें चुनाव में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. स्वयं विधायक जी भी इस बात को मानते हैं ऐसे में उन्होंने वह सभी टोटके अपनाएं जो उन्होंने चुनाव के दौरान जीत हासिल करने के लिए किए थे. ऐसे में उन्होंने ना सिर्फ अपनी बेबाक वक्ता वाली छवि को बनाए रखने का प्रयास किया वहीं, वाहन आदि के नंबर भी नहीं बदले. हालांकि, सदर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की मानें तो विकास के लिए विधायक कुछ खास नहीं कर पाए वहीं, दूसरी तरफ धीरे-धीरे विधायक की किस्मत भी उन्हें धोखा देना शुरू कर चुकी है.
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| अपनी कार के साथ पंकज उपाध्याय |
दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान उनके साथ कई ऐसे लोग जुड़े जिनको मुन्ना तिवारी में एक स्पष्ट वक्ता तथा विकास के लिए संकल्पित नेता की छवि दिखाई दे रही थी. ऐसे ही लोगों में एक नाम पंकज उपाध्याय का था. पंकज उपाध्याय तन-मन एवं धन के साथ विधायक के साथ ही बने रहे. ऐसे लोगों ने जनता के बीच जाकर विकास के जो सपने दिखाए उसका परिणाम बक्सर में मिली जीत के रूप में सामने आया. चुनाव प्रचार के दौरान पंकज अपनी सफारी कार यूपी बीजेड 0040 से विधायक का चुनाव प्रचार कर रहे थे. कांग्रेस प्रत्याशी मुन्ना तिवारी भी इसी गाड़ी से क्षेत्र भ्रमण किया करते थे. पंकज के मुताबिक यह नंबर उनके लिए बेहद लकी है. क्योंकि, उन्होंने अपनी कुंडली के हिसाब से मार्च 2015 में ली अपनी गाड़ी का नंबर चुना था. माना जा रहा था कि, विधायक के साथ जुड़े पंकज की किस्मत विधायक के लिए भी मददगार साबित हुई और उन्हें चुनाव में सफलता मिली. पंकज उपाध्याय वर्तमान में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं.
चुनाव के बाद भी विधायक ने नहीं छोड़ा 40 नंबर का मोह
चुनाव में मिली सफलता के बाद विधायक को ऐसा लगा कि 0040 नंबर उनके लिए लकी है. ऐसे में उन्होंने इसी नंबर की गाड़ियां अपने पास रखने की बात सोची. जिसके बाद उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो कार पर बीआर- 44 -पी 0040 लिखवा कर चलना शुरू कर दिया. विधायक बन चुके मुन्ना तिवारी तथा पंकज उपाध्याय की करीबियों उस समय कायम थी. दोनों का एक साथ कहीं भी आना जाना घूमना फिरना होता था. इसी बीच तकरीबन 1 वर्ष पूर्व विधायक से पंकज का अलगाव हो गया. उनके बीच हुई वैमनस्यता विधायक पर लगे अपहरण के आरोप में हुई एफआइआर तथा विभिन्न में आरोप-प्रत्यारोपों के माध्यम से सामने आई.
विधायक के लिए अब भारी पड़ रहा है 40 नंबर, लगे कई आरोप वाहन का निबंधन भी साबित हुआ फर्जी:
बताया जाता है कि, पंकज से दूरी के बाद विधायक के लिए 40 नंबर भारी पड़ने लगा. सिटी हॉस्पिटल मामले में प्राथमिकी, पहले से शादीशुदा मुस्लिम लड़की के पति पंकज द्विवेदी की दूसरी शादी कराने जैसे मामलों में उनका नाम उछला. हालांकि, कहीं भी उन पर कोई आरोप साबित नहीं हो सका. इसी बीच एक नया मामला यह सामने आया कि, विधायक जिस गाड़ी बीआर 44 पी 0040 को लेकर घूम रहे थे ज्ञात हुआ कि उसका निबंधन ही फर्जी है. परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी से ज्ञात हुआ कि, वह शाहबाद डीआईजी के काफिले में शामिल किसी गाड़ी का नंबर है.
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| इसी गाड़ी का नंबर साबित हुआ था फर्जी |
फर्जी निबंधन वाली गाड़ी का इस्तेमाल विधायक ने किया बंद, नई गाड़ी लेने के बाद भी नहीं छूटी बदकिस्मती:
मामला सामने आने के बाद होने वाली किरकिरी से बचने के लिए विधायक ने उस गाड़ी का इस्तेमाल बंद कर दिया. तथा एक नई स्कॉर्पियो कार फिर से खरीदी. हालांकि, अभी भी विधायक का 40 नंबर से मोह भंग नहीं हुआ तथा उन्होंने एक बार फिर इस गाड़ी का नंबर बीआर 44 एल 0040 लेना ही पसंद किया. लेकिन दुर्भाग्य से एक बार फिर उनकी किस्मत ने उन्हें धोखा दिया और इसी वाहन से शराब बरामदगी के बाद सिमरी जब्त है. बताया जाता है कि, नावानगर थाना क्षेत्र में कभी चालीस चौधरी नामक एक डकैत हुआ करता था जिससे कि उस इलाके के लोग बहुत आक्रांत रहा करते थे.
कांग्रेस के सामने खड़ा हुआ नया संकट, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग:
शराब बरामदगी का मामला सामने आने के बाद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने मामले की जांच सरकार से अपने तरीके से कराने की मांग कर डाली है. उन्होंने कहा है कि, मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा उचित कार्यवाही की जाए. दूसरी तरफ पार्टी सूत्रों की माने तो पार्टी विधायक की पार्टी सदस्यता खत्म करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने पर भी विचार कर रही है. हालांकि, जांच रिपोर्ट के बाद ही यह संभव हो पाएगा. एक खास बात यह है कि, विधायक के पास अभी एक और गाड़ी बी-आर-44-एफ-0040 मौजूद है.











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