उक्त कृषि समन्वयक द्वारा किसानों के खाते में जाने वाली सरकारी सहायता अथवा अनुदान राशि अथवा किसी भी प्रकार की सहायता पर किसानों से कमीशन वसूला जाता है. साथ ही बीज वितरण आदि में भी अनियमितता बरती जाती है.इस मामले में समन्वयक से बात करने के लिए उसे कार्यालय में बुलाया गया था जिस पर उसने उल्टे ही वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कृषि पदाधिकारी पर लग रहे थे आरोप
- जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा, गलती पकड़े जाने पर प्रपंच रच रहे हैं समन्वयक
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: चौसा के कृषि समन्वयक द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी के कार्यालय में बनाया गया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि, इस वायरल वीडियो में समन्वयक द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी से यह बताया जा रहा है कि, किसानों को बीज वितरित नहीं किया गया है. जिस पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा उसे ही गलत ठहरा कर एफआइआर करने की धमकी दी जा रही है. दूसरी तरफ कुछ सोशल न्यूज़ साइट्स पर यह भी दावा किया जा रहा है कि, इसी खुन्नस के कारण जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि समन्वयक रामपुकार तिवारी का स्थानांतरण कर दिया गया है.
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए जब हमने जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने जो बातें बताई वह चौंकाने वाली थी. उन्होंने बताया कि, कृषि समन्वयक द्वारा अपनी गलती छिपाने के लिए तरह-तरह के प्रपंच रचे जा रहे हैं उन्होंने बताया कि, कुछ दिनों पूर्व बनारपुर के किसानों के द्वारा उनसे यह शिकायत मिली थी कि, उक्त कृषि समन्वयक द्वारा किसानों के खाते में जाने वाली सरकारी सहायता अथवा अनुदान राशि अथवा किसी भी प्रकार की सहायता पर किसानों से कमीशन वसूला जाता है. साथ ही बीज वितरण आदि में भी अनियमितता बरती जाती है.इस मामले में समन्वयक से बात करने के लिए उसे कार्यालय में बुलाया गया था जिस पर उसने उल्टे ही वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.
उन्होंने बताया कि, समन्वयक को स्वयं ही बीज का उठाव कर वितरण करना है. किसी भी पदाधिकारी की कोई भूमिका बीज वितरण में नहीं है. ऐसे में अगर समन्वयक किसी तरह का आरोप लगाता है तो वह केवल उसके बचने की कोशिश हो सकती है. केसठ प्रखंड में स्थानांतरण के संबंध में पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी ने जवाब दिया कि, केसठ प्रखंड में आवश्यकता के अनुरूप समन्वयक की प्रतिनियुक्ति की गई है. जिला कृषि पदाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि किसानों के द्वारा समन्वयक की शिकायतों के मद्देनजर जांच की जा रही है जांच उपरांत आरोप सत्य पाए जाने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी.









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