पुनर्गठन के बाद अस्तित्व में आई नई पंचायतें, कइयों का नाम भी खत्म ..

नगर परिषद के क्षेत्र विस्तार तथा नए नगर पंचायतों के गठन के बाद जिले के 5 पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया है. ऐसे पंचायतों के जगह पर अब नए नाम से पंचायतों का गठन हुआ है लेकिन, छह पंचायतें अब भी ऐसी हैं जिनका पुनर्गठन होने के बाद भी पंचायतों का नाम नहीं बदला है.





- नगर परिषद क्षेत्र में गांवों के शामिल होने के बाद 11 पंचायतों का किया गया है पुनर्गठन
- सितंबर माह तक पंचायत चुनाव कराए जाने जाने के हैं आसार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: नगर परिषद के क्षेत्र विस्तार तथा नए नगर पंचायतों के गठन के बाद जिले के 5 पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया है. ऐसे पंचायतों के जगह पर अब नए नाम से पंचायतों का गठन हुआ है लेकिन, छह पंचायतें अब भी ऐसी हैं जिनका पुनर्गठन होने के बाद भी पंचायतों का नाम नहीं बदला है. जिला पंचायती राज पदाधिकारी अभय तिवारी बताते हैं कि 11 पंचायतों के पुनर्गठन के बाद सूची जारी कर दी गई है. जिसके अनुसार पंचायतों में कार्यारंभ भी हो गया है. वर्तमान में परामर्शी समिति के द्वारा पंचायतों का कार्यभार संभाला गया है. उम्मीद है कि सितंबर तक पंचायत चुनाव कराए जाएं.



डीपीआरओ ने बताया कि चौसा पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो गया है. उसके जगह पर अब पवनी पंचायत अस्तित्व में आई है जिसमें बहादुरपुर और हादीपुर को शामिल किया गया है. इसके अतिरिक्त भोजपुर कदीम पंचायत का अस्तित्व समाप्त होने के बाद चिलहरी पंचायत अस्तित्व में आई है जिसमें बेलामोहन और लोहसर को शामिल किया गया है. जासो पंचायत के खत्म होने के नदांव पंचायत में मनोहरचक और बेतवा शामिल है. इसी तरह अहिरौली पंचायत के खत्म हो जाने के बाद अब अर्जुनपुर पंचायत का गठन हुआ है. पांडेय पट्टी पंचायत के खत्म होने के बाद रहसीचक पंचायत का गठन हुआ है, जिसमें हुकहां और रहसीचक को शामिल किया गया है.

उधर, बनारपुर पंचायत के 3 गांवों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने के बाद भी इस पंचायत का नाम नहीं बदला है. अभी भी इस पंचायत में 4 गांव शामिल हैं. उसी प्रकार चुन्नी के दो गांवों को चौसा नगर पंचायत में शामिल किए जाने के बाद भी चुन्नी पंचायत अस्तित्व में है, और इसमें वर्तमान में 9 गांव शामिल हैं. छतनवार पंचायत के 2 गांवों को डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद भी छतनवार पंचायत 4 गांव के साथ अस्तित्व में है वहीं, कुशालपुर पंचायत के 3 गांवों को डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी कुशलपुर पंचायत अकेले एक गांव की पंचायत बनकर अस्तित्व में है. नंदन पंचायत के एक गांव के डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद भी अकेले नंदन गांव के बदौलत नंदन ग्राम पंचायत अस्तित्व में है. इसी तरह छोटका नुआंव पंचायत के तीन गांवों को बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के बावजूद 9 गांवों के साथ छोटका नुआंव पंचायत अस्तित्व में है.








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