राज्य खाद्य निगम के मजदूरों को पीटने वाले दारोगा निलंबित ..

पुलिस की पिटाई के बाद सुदामा कुमार नामक एक मजदूर का हाथ भी टूट गया. जबकि संत कुमार, विनय कुमार, विनोद राय, भूषण कुमार और उमेश कुमार सहित अन्य मजदूरो पर पुलिस ने बेरहमी से डंडे बरसाए. जिसके बाद ये सभी मजदूर जख्मी हो गए. इसको लेकर आक्रोशित मजदूरों ने खाद्यान्न ढुलाई और आपूर्ति में अड़ंगा लगाते हुए हड़ताल कर दिया. 

 





- लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को पीटने का था आरोप 
- पूर्व में भी शराब मामले में निलंबित हो चुके हैं दारोगा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: डुमरांव अनुमंडल के कोरानसराय थाना क्षेत्र के में एसएफ़सी के डोर स्टेप डिलीवरी वाहन के मजदूरों को पीटने के आरोप की जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर एसपी ने दारोगा के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि यह मामला सामने आने के बाद डुमरांव एसडीपीओ के.के.सिंह मामले की जांच कर रहे थे. जांच में आरोप सत्य साबित होने पर एसपी के द्वारा यह कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई से वर्दी का रसूख दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के बीच दहशत का माहौल कायम है.




बताया जा रहा है कि जिस दारोगा अजय पांडेय के विरुद्ध कार्रवाई की गई है पूर्व में भी उन्हें निलंबन का शिकार होना पड़ा है. नगर थाना में पदस्थापन के दौरान उत्तर प्रदेश के भरौली में शराब पीने के बाद हंगामा करते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी. बाद में उनका पदस्थापन डुमरांव अनुमंडल में किया गया. इसी बीच लॉकडाउन के दौरान वाहनों की जांच के क्रम में उन्होंने राज्य खाद्य निगम के डोर स्टेप डिलीवरी वाहन के मजदूरों को पीट दिया.

क्या है मामला: 

दरअसल, बुधवार को राज्य खाद्य निगम का अनाज लेकर मजदूर कोरान सराय थाना क्षेत्र के मुगांव गांव में गए थे. वहां से खाद्यान्न की आपूर्ति देकर डुमरांव लौट रहे थे. इसी दौरान थाना के समीप पुलिस के द्वारा खाद्यान्न आपूर्ति वाली गाड़ी रोक कर उस पर बैठे मजदूरों की जमकर पिटाई कर दी गई. बताया जा रहा है कि ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को यह लगा कि ये लोग सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन का उल्लंघन कर बेवजह घूम रहे हैं जबकि, खाद्यान्न आपूर्ति वाहन पर बैठे लोगों द्वारा खुद को राज्य खाद्य निगम के मजदूर बताया गया था. इसके बावजूद भी पुलिस द्वारा पिटाई की गई. पुलिस की पिटाई के बाद सुदामा कुमार नामक एक मजदूर का हाथ भी टूट गया. जबकि संत कुमार, विनय कुमार, विनोद राय, भूषण कुमार और उमेश कुमार सहित अन्य मजदूरो पर पुलिस ने बेरहमी से डंडे बरसाए. जिसके बाद ये सभी मजदूर जख्मी हो गए. इसको लेकर आक्रोशित मजदूरों ने खाद्यान्न ढुलाई और आपूर्ति में अड़ंगा लगाते हुए हड़ताल कर दिया. सनद रहे कि जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के पूर्व में हड़ताल पर रहने के कारण खाद्यान्न आपूर्ति का कार्य वैसे भी काफी विलंब से शुरू हुआ. उसी में मजदूरों की पिटाई के बाद हड़ताल पर चले जाने से खाद्यान्न आपूर्ति कार्य बाधित हुआ.








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