वीडियो: संक्रमण की तीसरी लहर से मुकाबले की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य महकमा ..

स्टेशन पर जहां महाराष्ट्र से आने वाले रेल यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है वहीं, सदर अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट से लेकर आरटीपीसीआर मशीन को भी लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है. सिविल सर्जन की मानें तो आगामी 9 अगस्त से पूर्व जहां ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह तैयार हो जाएगा वहीं, आरटीपीसीआर मशीन भी लोगों की जांच करने लगेगी.
लगाया जा रहा ऑक्सीजन प्लांट




- तेजी से चल रहा है ऑक्सीजन प्लांट तथा आरटीपीसीआर मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य
- बच्चों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे ऑक्सीजन बेड

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: कोरोना की तीसरी लहर के ज्यादा संक्रामक होने की बात सामने आने के बाद जिला प्रशासन बेहद सतर्क है. स्टेशन पर जहां महाराष्ट्र से आने वाले रेल यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है वहीं, सदर अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट से लेकर आरटीपीसीआर मशीन को भी लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है. सिविल सर्जन की मानें तो आगामी 9 अगस्त से पूर्व जहां ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह तैयार हो जाएगा वहीं, आरटीपीसीआर मशीन भी लोगों की जांच करने लगेगी.


संक्रमण काल के दूसरी लहर के दौरान जिस प्रकार से देश भर में ऑक्सीजन संकट की बात सामने आ रही थी उसे देखते हुए आज भी लोग डरे हुए हैं. हालांकि, जिले में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हुई. ऐसे में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पीएम केअर फंड से देश के सभी जिलों में ऑक्सीजन के प्लांट लगाने का निर्णय किया गया है. इसी क्रम में भी तीसरी लहर से पहले ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी पूरे जोर पर चल रही है. ऑक्सीजन प्लांट सदर अस्पताल में आ चुका है जिसे इंस्टॉल करने के लिए प्लेटफॉर्म निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है.

150 बेडों पर होगी निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई:

सिविल सर्जन कहते हैं कि, पीएम केयर फंड के माध्यम से 1000 पॉवर का प्लांट और एसजेवीएन पॉवर प्लांट के माध्यम से 500 पॉवर का प्लांट बक्सर में लगाया जाएगा. जिससे जिले के सदर और डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में कुल मिला कर 150 बेड पर निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी. बकौल सीएस, तीसरी लहर में बच्चों को लेकर ज्यादा खतरे का अनुमान है. ऐसे में सदर अस्पताल में 10 से 12 बेड बच्चों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे.

कुछ घंटों में होगा 1 सप्ताह में होने वाला टेस्ट:

सिविल सर्जन के मुताबिक आगामी 9 अगस्त तक आरटीपीसीआर मशीन को इंस्टॉल कर लिया जाएगा. ऐसे में जहां आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के लिए लोगों को तकरीबन 6 से 7 दिन का समय देना पड़ता था वहीं, अब सदर अस्पताल में ही यह टेस्ट महज कुछ घंटों में हो जाएगा. बताया जा रहा है कि आरटीपीसीआर टेस्ट से संक्रमण का सही-सही पता चल जाता है. जिन लोगों का एंटीजन तथा ट्रूनेट टेस्ट किए जाने के बाद भी कोविड संक्रमण की स्थिति का स्पष्ट पता नहीं चल पाता उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाता है.
डॉ. जितेंद्र नाथ, सिविल सर्जन


बहरहाल, ऑक्सीजन प्लांट व आरटीपीसीआर मशीन लगाना सरकार की तीसरी लहर को लेकर की जा रही तैयारी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि तीसरी हार से बचने के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता जताई जा रही है.

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