धनसोई मिनी गन फैक्ट्री का मुख्य संचालक भी गिरफ्तार, वर्षों से हथियार बनाने के धंधे में लगा है परिवार ..

हथियार बनाने का धंधा काफी पुराना है. तकरीबन आठ वर्ष पूर्व भी इन्हीं के घर से हथियार बनाने का सामान बरामद किया गया था, जिसमें दिनेश शर्मा, उनके भाई भरत शर्मा एवं पिता सिपाही शर्मा को गिरफ्तार किया गया था, इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था. 
थाने में पहुंचे एसडीपीओ गोरख राम, सामने रखा बरामद सामान





- धनसोई थाना क्षेत्र के श्यामपुर-मोहरिया गांव से हुई है गिरफ्तारी
- पूर्व में भी जेल की सजा भुगत चुके हैं मुख्य संचालक, पिता व भाई की मौत के बाद पत्नी को भी किया शामिल


बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : धनसोई थाने की पुलिस ने मोहरिया गांव से जहां बीती रात मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए एक महिला को हिरासत में लिया था वहीं पुलिस ने मौके से फ़रार उसके देवर को गिरफ्तार कर लिया है. थानाध्यक्ष ने इस बात की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि मिनी गन फैक्ट्री के संचालन में पूरा परिवार ही लगा हुआ था जिसमें महिला उनके पति एवं उनके देवर भी शामिल थे. छापेमारी के दौरान जहां पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया वही उनके पति तथा दिव्यांग भाई की गिरफ्तारी के लिए प्रयास में जुट गई. जिसमें पुलिस को बीती रात सफलता मिली. बताया जा रहा है कि पूरा परिवार एक साथ मिलकर हथियार बनाने का काम करता था तथा तकरीबन आठ वर्ष पूर्व सभी को जेल भी हुई थी. 



घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र के श्यामपुर-मोहरिया गांव में बुधवार दोपहर में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में जहां मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन हुआ था वहीं, मौके से एक महिला मालती देवी को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में यह ज्ञात हुआ कि मिनी गन फैक्ट्री के संचालन में उसके पति दिनेश शर्मा तथा उनके दिव्यांग देवर मिथिलेश शर्मा भी शामिल हैं जो कि पुलिस को देख कर फरार हो गए हैं. सूचना के आलोक में एसपी नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीपीओ गोरख राम स्वयं धनसोई थाने पहुंचे तथा छापेमारी टीम का गठन कर छापेमारी शुरू की गई और रात तकरीबन 2:00 बजे थाना क्षेत्र के एक स्थान से मिथिलेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं एक अन्य अभियुक्त दिनेश शर्मा को गिरफ्तार करने की कोशिश जारी है. 

आठ वर्ष पूर्व भी हो गए थे गिरफ्तार, बरामद सामान से बन सकते हैं दर्जनों हथियार :

बताया जा रहा है कि हथियार बनाने का धंधा काफी पुराना है. तकरीबन आठ वर्ष पूर्व भी इन्हीं के घर से हथियार बनाने का सामान बरामद किया गया था, जिसमें दिनेश शर्मा, उनके भाई भरत शर्मा एवं पिता सिपाही शर्मा को गिरफ्तार किया गया था, इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया था. जेल से छूट कर आने के बाद दिनेश शर्मा जहां फिर उसी कार्य में जुट गए वहीं, उनके भाई भरत शर्मा एवं पिता सिपाही शर्मा की मृत्यु हो गई है. बाद में इस कार्य में पति-पत्नी तथा दिनेश के एक अन्य भाई शामिल हो गए, जिसके पास से एक अर्ध निर्मित देसी तमंचा, एक दर्जन से अधिक खोखे, ड्रिल मशीन, कटर, हथौड़ा, रेती, भाटी मशीन, रोल कटर, तार, छेनी व कट्टा बनाने के अन्य उपकरण समेत भारी मात्रा में सामान बरामद किए गए. जानकारी के मुताबिक जो भी सामान बरामद हुए उनकी मदद से कई दर्जन हथियार बनाए जा सकते हैं.बताया जा रहा है कि हथियार बनाने की सारी सामग्री को जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया था जिसे जमीन खोदकर निकाला गया.





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