वीडियो : बाल कल्याण से जुड़े लोगों ने दिखाया पशु प्रेम, विधि-विधान से किया बंदर का अंतिम संस्कार ..

बुधवार की सुबह एक वानर का निधन हो गया था. चरित्रवन इलाके में त्रेता युग से ही घने जंगल थे. ऐसे में इस इलाके में बहुतायत में बंदर पाए जाते हैं. आज जब लोगों ने यहां बस्तियां बसा ली तो भी बंदर यहां से जा नहीं सके हैं. 

 






- बाल गृह परिसर में मृत मिला था बंदर
- मुक्तिधाम में कराया गया अंतिम संस्कार

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : बाल कल्याण से जुड़े लोगों का पशु प्रेम बुधवार को देखने को मिला, जब बाल गृह परिसर में एक बंदर की मृत्यु के पश्चात पूरे विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार कराया गया. बालगृह अधीक्षक के साथ-साथ जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने मुक्तिधाम पर उसका अंतिम संस्कार किया. सभी ने कहा कि बंदर को हनुमान जी का अंश माना जाता है. ऐसे में वानर के निधन से सभी दुखी हैं.

दरअसल, नगर के चरित्रवन इलाके में अवस्थित बाल गृह परिसर में बुधवार की सुबह एक वानर का निधन हो गया था. चरित्रवन इलाके में त्रेता युग से ही घने जंगल थे. ऐसे में इस इलाके में बहुतायत में बंदर पाए जाते हैं. आज जब लोगों ने यहां बस्तियां बसा ली तो भी बंदर यहां से जा नहीं सके हैं. 

यूं तो पूरे नगर और न्यायालय में भी बंदरों लोग आतंकित रहते हैं लेकिन बालगृह और बाल कल्याण समिति के लोगों के द्वारा बंदर का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराना पूरे नगर में चर्चा का विषय बना है. अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों में बाल गृह की अधीक्षक रेवती कुमारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ शशांक शेखर और योगिता सिंह गृह के प्रतिनियुक्त शिक्षक दीनबंधु प्रधान, सौरभ कुमार और नीरज कुमार तथा गार्ड कमलेश कुमार प्रमुख रहे.

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