वीडियो : एक साथ 508 कन्याओं का भव्य पूजन, मनोकामना पूर्ति के लिए दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालु ..

508 कन्याओं को जिनकी उम्र 5 साल के आसपास है, उनका विधिवत पूजन कर भोजन भोजन कराया गया. जिसके उपरांत इस कार्यक्रम में दूर दराज से नौ दिन तक कलश स्थापना और व्रत रखने वाले सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे. साथ ही भंडारे से लेकर कन्या पूजन की अनुमति उन्ही को थी जिन्होंने व्रत रखा था.







- 11 साल से लगातार भव्य कन्या पूजन
- महाशक्ति कालरात्रि नवदुर्गा मंदिर में हुआ आयोजन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के इटाढ़ी पुलिस लाइन स्थित महाशक्ति कालरात्रि नवदुर्गा धाम में शारदीय नवमी के दिन भव्य कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जिसके लिए मंदिर के महंत और  सदस्यों द्वारा जिले के दर्जनों गांवों से छोटी-छोटी बच्चियों को परिजनों के साथ आमंत्रित किया गया था. सभी को कतार में बिठा पहले विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई. ततपश्चात लाल चुनरी के साथ  कई तरह के पकवान परोस भोजन कराया गया.  मन्दिर में 5 साल के आसपास के उम्र वाली 508 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भक्ति भाव से विदाई दी गई.


बता दें कि 11 वर्ष पूर्व बक्सर के प्रसिद्ध मंदिर में चैत और शारदीय नवरात्र में कन्या पूजन 64 कन्यायाओ से यह कार्यक्रम शुरू किया गया था.

व्रत रखने वाले ही भंडारे में भोजन कराने के लिए हुए शामिल : 

बक्सर में शारदीय नवमी के अंतिम दिन  सभी पूजा समितियों और घरों में विधि-विधान से पूजन और हवन के बाद कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया गया. इसी क्रम में जिले इटाढ़ी के पास महाशक्ति कालरात्रि नवदुर्गा धाम में अद्भुत कन्या पूजन को देखने के लिए दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु  पहुँचे हुए थे. वैसे तो एक हजार से ज्यादा कुंवारी कन्याओं ने यहां भोजन किया. लेकिन 508 कन्याओं को जिनकी उम्र 5 साल के आसपास है, उनका विधिवत पूजन कर भोजन भोजन कराया गया. जिसके उपरांत इस कार्यक्रम में दूर दराज से नौ दिन तक कलश स्थापना और व्रत रखने वाले सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे. साथ ही भंडारे से लेकर कन्या पूजन की अनुमति उन्ही को थी जिन्होंने व्रत रखा था.

बजाए गए पांच प्रकार के पारंपरिक वाद्य यंत्र : 

मंदिर के महंथ द्वारिका दास जी महाराज का कहना है कि शास्त्रों में शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन को अत्यंत ही महत्वपूर्ण और शुभ माना गया है.  उन्होंने बताया कि नवरात्रि में देवी मां के सभी उपासक कन्याओं को मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं. सनातन धर्म में सदियों से ही कन्या पूजन और कन्या भोज कराने की परंपरा चली आ रही है. मंदिर के सेवक अमित माली ने बताया कि इस धाम में भक्तों के द्वारा हर साल भंडारे का आयोजन किया जाता है. उन्होंने बताया कि पिछले साल 364 कन्याओं का पूजन किया गया था इस बार 508 तो अगले वर्ष 5008 कन्याओं को पूजन कर भोजन कराने का आयोजन की तैयारी अभी से की जा रही है.

वीडियो : 





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