वीडियो : चिकित्सक पर हमले के विरोध में बक्सर में ओपीडी बंद, आपातकालीन सेवा जारी ..

इस दौरान जिले के सदर अस्पताल के साथ-साथ सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में पहुंचे मरीजों को निराशा हाथ लग रही है और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. लेकिन मानवता के लिहाज से चिकित्सकों ने आपातकालीन सेवा को जारी रखा है. 







- पूर्णिया में चिकित्सक पर हुए हमले के विरोध में आंदोलित हैं चिकित्सक
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर दिन भर इलाज रहेगा बंद

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : पूर्णिया में एक चिकित्सक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले में सरकारी अस्पताल के शिक्षकों ने ओपीडी सेवा को बंद रखा है.  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य शाखा के द्वारा पूरे प्रदेश में चिकित्सा सेवा ठप रखने का आह्वान किया जाने के बाद  बक्सर चिकित्सकों ने इस बात की सूचना चस्पा कर दिन भर की हड़ताल शुरू कर दी है. इस दौरान जिले के सदर अस्पताल के साथ-साथ सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में पहुंचे मरीजों को निराशा हाथ लग रही है और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. लेकिन मानवता के लिहाज से चिकित्सकों ने आपातकालीन सेवा को जारी रखा है. 

चिकित्सकों का कहना है कि प्रशासन यदि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता और चिकित्सकों पर हमला करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती तो व्यवस्था व्यवस्था को अनिश्चित काल के लिए ठप कर दिया जाएगा. स्थानीय चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान स्थानीय प्रशासन से भी सुरक्षा की मांग की है.

कहते हैं बक्सर में आंदोलनरत चिकित्सक : 

सदर अस्पताल के चिकित्सा डॉ संजय कुमार ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर भाषा स्टेट यूनिट ने प्रदेश भर में ओपीडी सेवा बंद रखने का फैसला लिया है, जिसके आलोक में पूरे दिन ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया जाएगा. ओपीडी सेवा पहले 1 घंटे के लिए बंद करनी थी लेकिन अब पूरे दिन के लिए बंद रखी जाएगी. उधर साबित खिदमत हॉस्पिटल के निदेशक डॉ दिलशाद आलम तथा बीके ग्लोबल अस्पताल के निदेशक डॉक्टर वीके सिंह ने कहा कि जिलेभर में इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी. सभी अस्पतालों में इस दौरान गंभीर मरीजों का इलाज जारी रहेगा. 

दरअसल, 18 नवंबर को पूर्णिया में कार्यरत सर्जन डॉक्टर राजेश पासवान पर उसे वक्त हमला कर दिया गया था जब वह अपने निजी क्लीनिक में एक मरीज का इलाज कर रहे थे और उसकी मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि उन पर पुलिस अभिरक्षा में हमला हुआ है. ऐसे में यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. चिकित्सकों का कहना है कि प्रदेश में जिस प्रकार के हालात बन रहे हैं उससे कोई भी चिकित्सक गंभीर मरीजों का इलाज करना नहीं चाहेगा.

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