नगर के इस वार्ड में एक बार फिर सड़क के ऊपर बनाई जा रही सड़क, प्रत्यक्ष घोटाले पर जिम्मेदार मौन ..

बाद कुछ माह इन्तज़ार कर एक बार फिर उसी सड़क के ऊपर आनन-फानन में तकरीबन 2 इंच मोटी ढलाई करवा कर सड़क बनवाते हुए लाखों का वारा-न्यारा कर लिया गया. इस बार निर्माण कार्य पर अधिकारियों के द्वारा किसी तरह से रोक नहीं लगाई गई. 







- नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 का है मामला
- वार्ड पार्षद के द्वारा पूर्व में भी बनाई गई थी सड़क पर सड़क

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर परिषद नगर क्षेत्र में मूत्रालय और शौचालय जैसे जनोपयोगी कार्यों को करने में असमर्थता दिख रही है. पूरे नगर में नगर परिषद के द्वारा स्थापित किया गया एक भी ऐसा मूत्रालय अथवा शौचालय नहीं दिखाई देता जो चालू हालत में हो. स्वच्छ सर्वेक्षण में भी नगर परिषद को शौचालय और मूत्रालय के रखरखाव में 100 में 25 अंक मिले हैं. ऐसा माना जा रहा है कि नगर परिषद जनोपयोगी कार्य करने से ज्यादा उन कार्यों पर ध्यान दे रहा है जिनमें जनसेवकों का लाभ हो. इस बात का प्रमाण नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 में मिल रहा है जहां एक के बाद एक कई ऐसे कार्य देखने को मिल रहे हैं जो वार्ड पार्षद के द्वारा मनमाने ढंग से नियमों को तक पर किए जा रहे हैं. हाल ही में चिकनी सड़क के ऊपर नई सड़क बनाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार को एक बार फिर इसी मोहल्ले में पुनः एक सड़क के ऊपर सड़क बनाने का कार्य शुरु हो गया है. आश्चर्यजनक रूप से इन कार्यों पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद तथा कार्यपालक पदाधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं.

दरअसल, वार्ड संख्या 17 में लगभग 10 दिनों पूर्व पीपर पाती रोड में अमर खड़ी भंडार के सामने से पप्पू डिश संचालक के घर के कुछ आगे तक आने वाली सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया था. मजे की बात यह है कि यह सड़क अभी तक टूटी नहीं थी. नगर परिषद के विश्वत सूत्र बताते हैं कि लगभग चार माह पूर्व भी वार्ड पार्षद शाहबाज अख्तर के द्वारा इसी सड़क को बनवाने के लिए नगर परिषद में आवेदन दिया गया था. लेकिन तब तक किसी ने नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी को यह बताया कि सड़क के बिना खराब हुए ही उसके ऊपर नई सड़क बनाकर तकरीबन 17 लाख रुपये की राशि का गबन करने की कोशिश की जा रही है. जिस पर कार्यपालक पदाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तुरंत ही कार्य रुकवा दिया था. 

कार्य रुकने के बाद कुछ माह इन्तज़ार कर एक बार फिर उसी सड़क के ऊपर आनन-फानन में तकरीबन 2 इंच मोटी ढलाई करवा कर सड़क बनवाते हुए लाखों का वारा-न्यारा कर लिया गया. इस बार निर्माण कार्य पर अधिकारियों के द्वारा किसी तरह से रोक नहीं लगाई गई. खास बात यह रही कि निर्माण कार्य से पूर्व ना तो प्राक्कलन का बोर्ड लगाया गया था और ना ही इस सड़क का निर्माण पर नगर परिषद के कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार थे.

फिर से शुरु हुआ बनी हुई सड़क को बनाने का काम : 

इसी बीच शुक्रवार को एक बार फिर नगर के सत्यदेव गंज रोड में माखन भोग मिठाई दुकान के समीप से रामबाग में जा रही गली के ढलाई शुरू कर दी गई है. यहां भी पहले की तरह ही प्राक्कलन का बोर्ड नहीं लगाया गया है और पुरानी सड़क के ऊपर ही मनमाने ढंग से 2 से 3 इंच तक ढलाई की जा रही है. इस मामले में स्थानीय लोगों की शिकायत पर वहां जाने पर मामला सत्य पाया गया, 

वार्ड पार्षद के पास नहीं है किसी सवाल का जवाब :

इस संदर्भ में वार्ड पार्षद शाहबाज अख्तर में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गली का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन जब यह पूछा गया कि किसी योजना से और कितने राशि में निर्माण हो रहा है तो वह बताने में असमर्थ रहे. जब यह पूछा गया कि निर्माण शुरू होने से पूर्व प्राक्कलन का बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया तो उन्होंने कहा कि निर्माण कनीय अभियंता रवि रंजन की देखरेख में हो रहा है. जल्द ही बोर्ड भी लगा दिया जाएगा.

कनीय अभियंता ने नहीं उठाया फोन :

नगर परिषद के कनीय अभियंता रवि रंजन से उनके मोबाइल फोन नंबर 9921970689 पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जहां पुस्तकालय रोड की हालत जर्जर हुई है वहीं, एक बार बनी हुई सड़क के ऊपर दोबारा सड़क बनाना कहां तक जायज है? उम्मीद है कि अधिकारी इस प्रश्न का जवाब जरूर ढूंढेंगे और जनता के एक के पैसों की बर्बादी को रोकेंगे.










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