लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने इस अपराधी की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. पटना के सगुना मोड़ के पास बक्सर पुलिस और विशेष कार्य बल की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोचा गया.
- पटना के सगुना मोड़ से STF और बक्सर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, लंबे समय से था फरार
- एसपी शुभम आर्य बोले, आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा, कई संगीन मामलों में रहा जेल में
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : चौसा पावर प्लांट के समीप राजद नेता अर्जुन यादव हत्याकांड में फरार चल रहे अभियुक्त राजा दूबे उर्फ रावण को आखिरकार बक्सर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने इस अपराधी की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. पटना के सगुना मोड़ के पास बक्सर पुलिस और विशेष कार्य बल की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोचा गया.
इस मामले में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी शुभम आर्य ने बताया कि यह घटना 26 मई 2025 की है, जब अखौरीपुर गोला निवासी अर्जुन यादव, पिता स्वर्गीय सुरेन्द्र यादव को कुछ अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी थी. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. अर्जुन यादव राजद मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष थे. इस संबंध में बक्सर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया था. जांच के क्रम में अब तक इस कांड में संलिप्त आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
पटना में छिपा था ‘रावण’, संयुक्त टीम ने किया गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान राजा दूबे उर्फ रावण की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस लगातार उसके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी. इसी क्रम में सूचना मिली कि वह पटना में छिपा हुआ है. ऐसे में एसपी के निर्देश पर शुक्रवार को बक्सर पुलिस और विशेष कार्य बल की संयुक्त टीम ने उसे पटना के सगुना मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
लंबा रहा है राजा दूबे का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त राजा दूबे उर्फ रावण इटाढ़ी थाना अंतर्गत सिकटौना गांव निवासी विरेन्द्र दूबे का पुत्र है. उसका आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा रहा है. नगर थाना और मुफस्सिल थाना में लूट, जानलेवा हमला, मारपीट और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं. इन मामलों में वह पूर्व में लंबे समय तक जेल में भी रह चुका है.
एसपी के मुताबिक इस पूरी कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर गौरव पाण्डेय, मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभु भगत, जिला आसूचना इकाई के अधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे.
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