वीडियो : जिसे आठ साल पहले खो चुके थे परिजन, वह शराब के नशे में हुआ गिरफ्तार ..

वह पत्नी और बच्चे को छोड़कर अचानक कहीं चला गया. परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. करीब एक साल बाद पत्नी बच्चे को लेकर मायके चली गई और तीन-चार साल तक इंतजार करने के बाद आखिरकार उसने दूसरी शादी कर ली.







                                         



- उत्पाद विभाग की नियमित जांच में मिला युवक
- इंतजार करते - करते पत्नी ने कर ली दूसरी शादी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर उत्पाद विभाग की एक नियमित कार्रवाई उस समय भावनात्मक घटना में बदल गई, जब शराब पीने के आरोप में पकड़ा गया एक युवक आठ वर्षों बाद अपने परिवार से मिल गया. कानून की प्रक्रिया के बीच सामने आई यह कहानी खुशी, पीड़ा और टूटे रिश्तों की सच्चाई को भी बयां कर गई.

उत्पाद विभाग की टीम ने बुधवार की शाम चेकिंग के दौरान शराब पीने के आरोप में एक युवक को पकड़ा. पूछताछ और पते के सत्यापन के क्रम में उसकी पहचान सुधीर दास, पिता ज्ञानी दास, उम्र लगभग 20 वर्ष, निवासी मरीचा गांव, थाना हलई, जिला समस्तीपुर के रूप में हुई. संबंधित थाना से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि युवक बीते करीब आठ वर्षों से अपने घर से लापता था.

मामले की जानकारी मिलते ही उत्पाद विभाग ने समस्तीपुर पुलिस और परिजनों से संपर्क स्थापित किया. परिजनों के साथ मोरवा-17 की वार्ड जिला परिषद सदस्य कैलाशी दास भी मौके पर पहुंची. उन्होंने बताया कि आज का दिन परिवार के लिए बेहद खुशी का है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद परिवार को उसका बेटा जीवित मिल सका.

पति के इंतजार में पत्नी ने रचा ली दूसरी शादी 

हालांकि इस मिलन की खुशी के पीछे एक दर्दनाक कहानी भी छिपी है. कैलाशी दास ने बताया कि सुधीर की शादी हो चुकी थी और उसका एक दो साल का बच्चा भी था. लेकिन वह पत्नी और बच्चे को छोड़कर अचानक कहीं चला गया. परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. करीब एक साल बाद पत्नी बच्चे को लेकर मायके चली गई और तीन-चार साल तक इंतजार करने के बाद आखिरकार उसने दूसरी शादी कर ली.

बचपन में ही मां को खो चुका है सुधीर 

उन्होंने यह भी बताया कि सुधीर का परिवार काफी बड़ा है. वह सात भाइयों में चौथे नंबर पर है और उसकी तीन बहनें भी हैं.करीब 17 वर्ष पहले करंट लगने से उसकी मां की मौत हो गई थी. सुधीर बचपन से ही शांत स्वभाव का रहा है और मजदूरी कर जीवन यापन करता था. वह घर से क्यों निकला और इतने वर्षों तक कहां रहा, इसका स्पष्ट जवाब वह अब भी नहीं दे पा रहा है. हालांकि उसने इतना जरूर बताया कि जब पैसों की जरूरत पड़ती थी, तो वह मजदूरी कर लेता था.

नियमित जांच बनी बिछड़े परिवार के मिलन की कहानी 

इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने बताया कि युवक करीब आठ साल पहले घर से निकल गया था, लेकिन आज वह पुनः अपने घर वालों से मिल गया. सामान्य जांच से शुरु हुई यह कार्रवाई आखिरकार एक बिछड़े परिवार के मिलन की कहानी बन गई, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी.
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