प्लेटफॉर्म विस्तार से बदलेगी बक्सर स्टेशन की सूरत, प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 निर्माण प्रक्रिया जल्द होगी शुरु..

विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके पूरा होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना भविष्य की यात्री संख्या और ट्रेनों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है.

इसी स्थान पर बनेंगे नए प्लेटफॉर्म 

 






                                         



- 15 करोड़ रुपये की योजना से बनाए जाएंगे दो नए प्लेटफॉर्म 
- बढ़ते यात्री दबाव और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को मिलेगी राहत, आधुनिक ट्रैक तकनीक से होगा अपग्रेडेशन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जल्द ही यात्रियों की वर्षों पुरानी समस्या दूर होने वाली है. लगातार बढ़ती भीड़ और ट्रेनों के दबाव को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन के प्लेटफॉर्म विस्तार की योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत प्लेटफॉर्म संख्या चार और पांच का निर्माण किया जाएगा. करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह कार्य बक्सर स्टेशन के विकास की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

वर्तमान में बक्सर रेलवे स्टेशन पर केवल तीन प्लेटफॉर्म हैं. सीमित प्लेटफॉर्म होने के कारण पीक आवर, त्योहारों और विशेष ट्रेनों के संचालन के दौरान यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार एक साथ ट्रेनों के आने से प्लेटफॉर्म पर भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है. प्लेटफॉर्म विस्तार के बाद इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है.

रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है. सर्वेक्षण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसके पूरा होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना भविष्य की यात्री संख्या और ट्रेनों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है.

नए प्लेटफॉर्म प्लेटफॉर्म संख्या तीन के दक्षिणी हिस्से में बनाए जाएंगे. प्लेटफॉर्म संख्या चार और पांच का डिजाइन मौजूदा प्लेटफॉर्म दो और तीन के बीच बनी संरचना के समान होगा, जिससे अलग-अलग लाइनों पर ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा. प्रत्येक नया प्लेटफॉर्म लगभग 650 मीटर लंबा होगा, जिस पर 24 कोच वाली एलएचबी ट्रेनों का इंजन सहित ठहराव किया जा सकेगा.

प्लेटफॉर्म विस्तार के साथ-साथ स्टेशन की साइडिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा. वर्तमान में स्टेशन के दक्षिणी छोर पर मौजूद साइडिंग लाइनों का उपयोग मेमू और अन्य ट्रेनों की रात में पार्किंग के लिए किया जाता है. योजना के तहत साइडिंग व्यवस्था को नए प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए ट्रेनों की पार्किंग और मूवमेंट को अधिक सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि संचालन के दौरान किसी तरह की बाधा न आए.

रेल ट्रैक को भी मजबूत किए जाने की योजना

इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म संख्या एक, दो और तीन से जुड़ी रेलवे पटरियों को भी आधुनिक बैलेस्टलेस यानी स्लैब ट्रैक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है. इस तकनीक से ट्रैक की मजबूती बढ़ेगी, बार-बार स्लीपर बदलने की जरूरत कम होगी और रखरखाव का खर्च भी घटेगा. साथ ही प्लेटफॉर्म किनारों की सफाई आसान होने से स्टेशन की स्वच्छता और स्वरूप में सुधार आएगा.

हाल ही में नए ट्रेनों की हुई है शुरुआत 

बीते कुछ वर्षों में बक्सर से कई लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरुआत हुई है. बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस और बक्सर-बिलासपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के संचालन से स्टेशन पर यात्री भार लगातार बढ़ा है. इसके अलावा त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है. इन सभी कारणों से अतिरिक्त प्लेटफॉर्म की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी.

कहते हैं अधिकारी 
प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ने से ट्रेनों के परिचालन में सुगमता आएगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह निर्माण कार्य बक्सर स्टेशन को आधुनिक रेलवे मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में अहम साबित होगा.
समय सिंह मीणा 
सहायक मंडल अभियंता, बक्सर







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