सूचना से अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों के बीच दहशत फैल गई. सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया गया और सभी को परिसर से बाहर जाने की सलाह दी गई. बम स्क्वॉड की टीम भी चप्पे-चप्पे की जांच कर रही है.
- ईमेल से बम धमकी, व्यवहार न्यायालय परिसर खाली
- हड़कंप के बीच न्यायिक कार्य स्थगित, सघन जांच जारी
- एसडीपीओ–एसपी मौके पर डटे, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की ईमेल धमकी मिलने के बाद बुधवार को पूरे न्यायालय परिसर को एहतियातन खाली करा दिया गया. ईमेल करने वाले ने यह धमकी दी है कि न्यायालय परिसर में ठीक 1:15 पर 14 धमाके होंगे. अचानक मिली इस सूचना से अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों के बीच दहशत फैल गई. सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल न्यायिक कार्य स्थगित कर दिया गया और सभी को परिसर से बाहर जाने की सलाह दी गई. बम स्क्वॉड की टीम भी चप्पे-चप्पे की जांच कर रही है.
सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय तथा एसडीएम अविनाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर की सघन जांच शुरू कर दी. बाद में एसपी शुभम आर्य भी न्यायालय पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बारीकी से तलाशी अभियान चलाया गया तथा संदिग्ध स्थानों की जांच की गई.
सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडे ने बताया कि न्यायालय को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एहतियात के तौर पर परिसर खाली कराया गया है. डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम की मदद से जांच कराई जा रही है. फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हर पहलू पर गंभीरता से जांच जारी है.
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे ने कहा कि ईमेल से धमकी मिलने की सूचना मिलते ही प्रशासन से समन्वय कर न्यायालय परिषद को खाली कराया गया. अधिवक्ता संघ ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में इस तरह की धमकियां सामने आई हैं, इसलिए व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से और मजबूत किया जाना चाहिए.
अधिवक्ता राहुल आनंद ने कहा कि जिस तरह से देश में बेरोजगारी है ऐसे में यदि कोई बम से उड़ने की धमकी देता है तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है. हालांकि उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग करने के लिए हाथ से अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया है. अधिवक्ता धीरज कुमार ने कहा कि न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाने की आवश्यकता है.=राघव कुमार पांडेय ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए जाने का अनुरोध किया. अधिवक्ता तेज प्रताप सिंह छोटे ने भी यह कहा कि जिस तरह से प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं, ऐसे में इंतजामों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है.
ज सैफी ने भी चिंता जताते हुए कहा कि न्यायालय परिसर पूर्व में भी संवेदनशील रहा है. यहां हत्या, गोलीबारी और कैदी फरार होने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं. ऐसे में इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने प्रशासन से कड़े और स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की, ताकि अधिवक्ता, कर्मचारी और वादकारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.
फिलहाल पूरे न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा है और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है. जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वीडियो :




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