राजस्थान में खदान तोड़ने के दौरान हुए हादसे में लापता बक्सर के युवक का शव नौ दिन बाद बरामद ..

परिजनों का आरोप है कि उन्हें नियमित वेतन नहीं दिया गया और केवल भोजन के सहारे काम कराया जाता था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें डराकर और बंधक बनाकर काम कराया जाता था.






                                         

  • पहाड़ खिसकने की जताई थी आशंका, भारी ब्लास्टिंग के बाद 300 फीट गहरी खान में हुआ हादसा
  • पानी कम होने पर एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने हटाए पत्थर, विशाल चट्टान के नीचे दबा मिला शव

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ स्थित ओडेला खान में हुए भीषण हादसे में डुमरांव थाना क्षेत्र के राजडीहा गांव निवासी पारसनाथ तिवारी के पुत्र पोकलेन ऑपरेटर रामानंद तिवारी का शव नौ दिन बाद बरामद कर लिया गया है. इस मामले में उनके भाई सदानंद तिवारी ने खनन लीज मालिक और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. लगातार चले सर्च ऑपरेशन के बाद पानी से भरी गहरी खान से शव निकाला गया, जिससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक रामानंद तिवारी खनन लीज संख्या 414-415 क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से पोकलेन मशीन चला रहे थे. परिजनों का आरोप है कि उन्हें नियमित वेतन नहीं दिया गया और केवल भोजन के सहारे काम कराया जाता था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें डराकर और बंधक बनाकर काम कराया जाता था.

परिवार के अनुसार पांच फरवरी को लीज क्षेत्र में दिनभर भारी ब्लास्टिंग की गई थी. रामानंद ने पहाड़ खिसकने की आशंका जताते हुए मशीन चलाने से मना किया था. उसने अपनी मां और भाई को फोन कर संभावित हादसे की जानकारी भी दी थी. इसके बावजूद उसे जबरन पहाड़ पर भेजे जाने का आरोप लगाया गया है.

बताया जा रहा है कि ब्लास्टिंग के बाद भारी चट्टान मशीन पर आ गिरी और वह करीब 300 फीट गहरी खान में जा गिरा. खान में 100 से 125 फीट तक पानी भरा था, जिससे बचाव कार्य में भारी कठिनाई हुई. पानी निकालने के लिए 75 एचपी के दो पंप, 60 एचपी, 50 एचपी और 25 एचपी के एक-एक पंप सहित कुल पांच पंपिंग सेट लगाए गए.

पानी का स्तर कम होने के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान खदान में उतरे. उन्होंने बड़े-बड़े पत्थरों को हटाने का जोखिम भरा कार्य शुरू किया. शनिवार को एक विशाल चट्टान के नीचे दबा शव दिखाई दिया. टीम के अधिकारियों ने पानी में एक पीला बुलबुला तैरता देखा, जिसकी जांच करने पर पता चला कि यह शव से निकलने वाला तरल पदार्थ था. इसके बाद चट्टान हटाई गई और बिहार निवासी ऑपरेटर रामानंद का शव बरामद कर लिया गया.

रामानंद तिवारी पारसनाथ तिवारी के पुत्र थे और रोजगार के सिलसिले में बाहर काम कर रहे थे. नौ दिनों तक परिवार उम्मीद में बैठा रहा, लेकिन अंततः दुखद समाचार ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया.








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