अप्रैल 2026 में होने वाले JEE Main के दूसरे प्रयास में 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक लाने का संकल्प भी लिया है. उनका दीर्घकालिक लक्ष्य UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक सेवा के माध्यम से बिहार और देश की सेवा करना है.

- JEE Advanced के लिए क्वालिफाई, बहन शानवी ने भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
- अनुशासन और सटीक मार्गदर्शन का माना जा रहा परिणाम
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के डुमरांव के मूल निवासी श्रेयस श्रीवास्तव ने 2026 (जनवरी सत्र) में 97.66 पर्सेंटाइल हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है. वर्तमान में बेंगलुरु में रह रहे श्रेयस की इस सफलता से डुमरांव सहित पूरे बक्सर जिले में हर्ष का माहौल है.
प्रारंभ से ही मेधावी रहे श्रेयस की विज्ञान और गणित में विशेष रुचि रही है. माध्यमिक परीक्षा से लेकर विभिन्न शैक्षणिक व विज्ञान प्रतियोगिताओं में वे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं. वर्ष 2024 में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए उत्तर बेंगलुरु क्षेत्र में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर उन्हें कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया था. यह उपलब्धि उनके अनुशासन, समर्पण और सटीक मार्गदर्शन का परिणाम मानी जा रही है.
श्रेयस के पिता संजय श्रीवास्तव लाला टोली रोड, डुमरांव के निवासी हैं. वे भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त जूनियर कमीशंड ऑफिसर हैं और वर्तमान में भारत सरकार के संचार मंत्रालय में कार्यरत हैं. परिवार में सैन्य अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, जिसने बच्चों के व्यक्तित्व को मजबूत आधार दिया है.
श्रेयस अब JEE Advanced में उत्कृष्ट रैंक हासिल कर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान में प्रवेश पाने का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटे हैं. साथ ही अप्रैल 2026 में होने वाले JEE Main के दूसरे प्रयास में 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक लाने का संकल्प भी लिया है. उनका दीर्घकालिक लक्ष्य UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक सेवा के माध्यम से बिहार और देश की सेवा करना है.
सीरियस की छोटी बहन शानवी में भी है असाधारण प्रतिभा
इधर, उनकी छोटी बहन शानवी श्रीवास्तव ने भी कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हुए में अपना नाम दर्ज कराया है. मात्र सात वर्ष की आयु में जटिल गणितीय सूत्रों का स्मरण और शुद्ध उच्चारण कर उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है.
श्रेयस और शानवी की उपलब्धियाँ यह साबित करती हैं कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है. उनकी इस सफलता पर डॉ. मनीष कुमार शशि, संजीव कुमार, जावेद और धीरेंद्र कुमार निराला सहित कई गणमान्य लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं.



.png)


.png)
.gif)







0 Comments