वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास निधि से इस सड़क का निर्माण कराया गया था. बाद में यह सड़क मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत चयनित की गई और इसके चौड़ीकरण की प्रक्रिया प्रस्तावित थी.
- नियमों को किया अनदेखा, भ्रष्टाचार की आशंका
- अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि की रहस्यमयी चुप्पी खड़े कर रही सवाल
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर परिषद क्षेत्र में एक ओर जहां सड़कों और नालों के निर्माण की रफ्तार तेज दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप भी तेजी से उभर रहे हैं. ताजा मामला विस्तारित क्षेत्र पांडे पट्टी का है, जहां ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क पर नगर परिषद द्वारा अचानक निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं.
बताया जाता है कि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास निधि से इस सड़क का निर्माण कराया गया था. बाद में यह सड़क मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत चयनित की गई और इसके चौड़ीकरण की प्रक्रिया प्रस्तावित थी. कुछ समय पूर्व निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन अज्ञात कारणों से रोक दिया गया था. ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से संकेत दिया गया था कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण शुरू होगा. इसी बीच नगर परिषद ने रातों-रात उसी सड़क पर अपना निर्माण कार्य आरंभ कर दिया.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो प्राक्कलन राशि का बोर्ड लगाया गया है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि कार्य किस योजना और कितनी राशि से कराया जा रहा है. अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना स्पष्ट जानकारी के इस तरह का निर्माण कार्य संदेह पैदा करता है.
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरीदी ने कहा कि उन्हें योजना की विशेष जानकारी नहीं है और पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे. वहीं नगर परिषद के नए कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋतिक ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई है कि योजना को पूर्व में स्वीकृति मिल चुकी थी. हालांकि वह यह स्पष्ट नहीं कर सके कि स्वीकृति कब मिली और प्राक्कलन का बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया?
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की यह चुप्पी अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है. सवाल उठ रहा है कि क्या नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा यह निर्माण किसी बड़े खेल की आहट तो नहीं?




.png)


.png)
.gif)







0 Comments