कहा कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, रील्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट बच्चों की एकाग्रता और धैर्य को कम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक समस्या नहीं है, बल्कि उसका असंतुलित उपयोग छात्रों को पुस्तकों से दूर कर रहा है.
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| कार्यक्रम में अपने विचार रखते रोहित |
खैतान पब्लिक स्कूल गाजियाबाद में साहित्यिक उत्सव, रोहित दुबे रहे प्रमुख वक्ता
रील्स और शॉर्ट वीडियो से घट रही एकाग्रता, पढ़ने को रोचक बनाने पर दिया जोर
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भारत के शीर्ष 70 स्कूलों में शुमार खैतान पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान बक्सर के युवा लेखक एवं इंजीनियर रोहित दुबे ने विद्यार्थियों के बीच घटती पढ़ने की आदत को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का बढ़ता प्रभाव बच्चों और युवाओं को किताबों से दूर कर रहा है, जिससे उनकी सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है. कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और पठन संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से संवाद हुआ.
बक्सर नगर के श्रीकृष्ण नगर निवासी स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र रोहित दुबे इस लिटरेचर फेस्टिवल में बतौर पैनलिस्ट और अतिथि शामिल हुए. देशभर से आमंत्रित 16 चुनिंदा लेखकों में उनका नाम भी शामिल था. कार्यक्रम के दौरान चार पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें से एक पैनल में रोहित दुबे ने छात्रों के बीच पढ़ने की घटती प्रवृत्ति पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, रील्स और शॉर्ट वीडियो कंटेंट बच्चों की एकाग्रता और धैर्य को कम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक समस्या नहीं है, बल्कि उसका असंतुलित उपयोग छात्रों को पुस्तकों से दूर कर रहा है.
ऐसे विकसित हो सकती है पढ़ने की रुचि
रोहित दुबे ने सुझाव दिया कि स्कूलों को पढ़ने को दबाव या परीक्षा से जोड़ने के बजाय उसे आनंददायक अनुभव बनाना चाहिए. छोटे अध्यायों वाली किताबें, कहानी आधारित पुस्तकें, समूह में पढ़ने की गतिविधियां और चर्चा के माध्यम से छात्रों को किताबों से जोड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा कि किताबें केवल ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि सोचने की क्षमता, आत्मअनुशासन और जीवन मूल्यों को भी मजबूत करती हैं.
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में भी रोहित दुबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस अवसर पर प्रसिद्ध थिएटर प्रोड्यूसर वशिष्ठ उपाध्याय भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. दोनों अतिथियों ने छात्रों को उनकी शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए तथा रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और नियमित पठन के लिए प्रेरित किया.
लगातार साहित्यिक मंचों पर सक्रिय हैं रोहित
गौरतलब है कि यह रोहित दुबे का इस वर्ष चौथा प्रमुख साहित्यिक आयोजन रहा. इससे पूर्व वे नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में पैनल चर्चा, प्रभात प्रकाशन के साथ अपनी पुस्तक ‘लेटर टू माई सन’ के विमोचन तथा बनारस लिट फेस्टिवल में पुस्तक चर्चा कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं. विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रिय भागीदारी पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की उनकी निरंतर कोशिशों को दर्शाती है.




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