आरोपी ने स्वीकार किया कि वह और उसके साथी लोगों को सरकारी योजना और लोन का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते थे. खाते के दस्तावेज अपने पास रखकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को उन्हीं खातों के माध्यम से निकाल लेते थे.
- मानसिक रूप से दिव्यांग युवक को बनाया शिकार, साइबर थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
- खाता खुलवाने वाला आरोपी गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की परतें खंगाल रही पुलिस
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में लोन दिलाने के नाम पर ठगी और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का बड़ा मामला सामने आया है. इटाढ़ी थाना क्षेत्र के बैरी गांव में मानसिक रूप से दिव्यांग युवक के नाम पर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन किया गया. मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार 09 फरवरी 2026 को बैरी गांव निवासी संजीत कुमार कुशवाहा ने आवेदन देकर बताया कि उनके छोटे भाई हेमंत कुमार, जो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, को गांव के ही दो युवकों ने लोन दिलाने का झांसा दिया. आरोप है कि झांसे में लेकर उनके नाम पर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए और सिम कार्ड भी जारी कराया गया. पीड़ित को खाते से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिया गया. बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि उन्हीं खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया जा रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बक्सर साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया. टीम ने दोनों खातों के ट्रांजेक्शन की गहन जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध और संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई.
जांच के आधार पर बैरी गांव निवासी नरेश तिवारी के पुत्र अनमोल तिवारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह और उसके साथी लोगों को सरकारी योजना और लोन का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते थे. खाते के दस्तावेज अपने पास रखकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को उन्हीं खातों के माध्यम से निकाल लेते थे.
गिरफ्तारी टीम में पुलिस अधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप, रामरतन पंडित, संजय कुमार सिंह, विकास कुमार लायक, शुभम कुमार और अनुपमा कुमारी शामिल थीं.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बक्सर में इससे पहले अंगूठे का क्लोन बनाकर फर्जी तरीके से पैसे निकालने का मामला प्रकाश में आ चुका है. साइबर थाना पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं. पुलिस लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह के लालच में आकर दस्तावेज या बैंक विवरण साझा नहीं करने की अपील कर रही है.




.png)


.png)
.gif)







0 Comments