बड़ी खबर : माल गोदाम रोड पर आम लोगों की आवाजाही पर रेलवे की आपत्ति, डीएम को लिखा पत्र ..

यहां प्रतिदिन भारी ट्रकों के माध्यम से लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य होता है. सड़क की सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे और असमतल स्थिति के कारण यह इलाका पहले से ही असुरक्षित है. ऐसे में आम वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है.

 






                                         


  • रेलवे गुड्स शेड को बताया ऑपरेशनल व असुरक्षित क्षेत्र, यात्री वाहनों पर रोक की मांग
  • रेलवे ने स्पष्ट किया—यह सार्वजनिक सड़क नहीं, मरम्मत कार्य विभागीय स्तर पर ही होगा

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : रेलवे स्टेशन से माल गोदाम की ओर जाने वाली जर्जर सड़क को लेकर अब रेलवे और जिला प्रशासन के बीच पत्राचार सामने आया है. पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बक्सर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि रेलवे गुड्स शेड परिसर कोई सार्वजनिक मार्ग नहीं है और वहां से यात्री वाहनों की आवाजाही सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है. रेलवे ने इस मार्ग पर स्कूल बसों, यात्री बसों और आम वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

पूर्व मध्य रेलवे के सहायक मंडल अभियंता (बक्सर) द्वारा 15 सितंबर 2025 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बक्सर रेलवे गुड्स शेड परिसर मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए आरक्षित है. यहां प्रतिदिन भारी ट्रकों के माध्यम से लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य होता है. सड़क की सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे और असमतल स्थिति के कारण यह इलाका पहले से ही असुरक्षित है. ऐसे में आम वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है.

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मार्ग कोई अधिसूचित सार्वजनिक सड़क नहीं है, बल्कि केवल माल परिचालन के लिए उपयोग में लाया जाता है. बावजूद इसके, समय के साथ आम नागरिकों और यात्री वाहनों ने इस मार्ग का उपयोग शुरू कर दिया है, जो रेलवे के अनुसार गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहा है.

इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ मंडल अभियंता (III), पूर्व मध्य रेलवे, दानापुर द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए दूसरे पत्र में भी रेलवे के रुख को दोहराया गया है. पत्र में कहा गया है कि गुड्स शेड के अंदर स्थित इस आंतरिक सड़क की मरम्मत के लिए किसी बाहरी एजेंसी को अनुमति नहीं दी जा सकती. रेलवे का अपना सुदृढ़ीकरण और सड़क सुधार प्रस्ताव विभागीय प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है, जिसे रेलवे मानकों के अनुसार ही पूरा किया जाएगा.

रेलवे ने यह भी जानकारी दी है कि लेवल क्रॉसिंग संख्या 70 के स्थान पर बनाए जा रहे ROB में रेलवे का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि एप्रोच रोड का कार्य पुल निर्माण विभाग, बिहार सरकार द्वारा किया जा रहा है. रेलवे ने डीएम से इस कार्य को शीघ्र पूरा कराने का अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में सुरक्षित यातायात का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सके.

इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि माल गोदाम रोड की बदहाली के कारण उन्हें मजबूरी में इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है. गड्ढों में जलजमाव और कीचड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. अब रेलवे की आपत्ति के बाद यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन आम लोगों की परेशानी और सुरक्षा के बीच किस तरह संतुलन बनाता है.








Post a Comment

0 Comments