बताया कि जिले की कुल 27 गैस एजेंसियों की सघन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था. प्रत्येक टीम में एक वरीय दंडाधिकारी और एक पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया, जिन्होंने एजेंसियों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया.
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| प्रेस वार्ता को संबोधित करती डीएम |
- चार दिनों में 22 हजार से अधिक सिलेंडर वितरण, 3200 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध
- लाइन लगाकर गैस लेने पर रोक, 2-3 दिन में होम डिलीवरी अनिवार्य
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में एलपीजी आपूर्ति को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. 17 मार्च 2026 को समाहरणालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएम साहिला और एसपी शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से बताया कि गैस एजेंसियों की जांच के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके.
समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएम ने बताया कि जिले की कुल 27 गैस एजेंसियों की सघन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था. प्रत्येक टीम में एक वरीय दंडाधिकारी और एक पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया, जिन्होंने एजेंसियों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया.
13 मार्च से 16 मार्च 2026 के बीच कुल 22,283 गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका है, जबकि 16 मार्च तक एजेंसियों के पास 3200 सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है. डीएम का दावा है कि जिले में फिलहाल किसी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना नहीं मिली है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में गैस एजेंसियों या गोदामों पर उपभोक्ताओं की लाइन लगाकर सिलेंडर वितरण नहीं किया जाएगा. ऐसा पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. सभी एजेंसियों को होम डिलीवरी सुनिश्चित करने और बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर गैस पहुंचाने का निर्देश दिया गया है.
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष का नंबर 06183-223333 जारी किया गया है, जो 24 घंटे कार्यरत रहेगा. किसी भी प्रकार की शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है.
साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा भी एजेंसियों के साथ बैठक कर नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है.
एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यालय के बाहर सूचना पट्ट लगाकर स्टॉक, वितरण तिथि और आगामी आपूर्ति की जानकारी सार्वजनिक करें. इसके अलावा सभी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी कैंप मोड में पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि ओटीपी से जुड़ी समस्याएं खत्म हो सकें.
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