चैती छठ और रामनवमी को लेकर प्रशासन सख्त, शांति समिति की बैठक में लिए गए बड़े फैसले ..

प्रशासन और समिति के बीच इस बात पर सहमति बनी कि किसी भी स्थिति में डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा. यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

 






                                 




  • डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध, लाउडस्पीकर के लिए लेनी होगी अनुमति
  • अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, घाटों की सफाई के निर्देश

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : सदर अनुमंडल में आगामी चैती छठ और रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है. इसी को लेकर एसडीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधि व्यवस्था, साफ-सफाई और अफवाहों पर नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए.

एसडीएम कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में एसडीपीओ गौरव पांडेय, स्वच्छता पदाधिकारी, नगर परिषद बक्सर के प्रतिनिधि, नगर थानाध्यक्ष समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे. बैठक में दोनों प्रमुख पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई.

डीजे पर सख्त रोक, उल्लंघन पर कार्रवाई तय
बैठक के दौरान सबसे अहम निर्णय डीजे के उपयोग को लेकर लिया गया. प्रशासन और समिति के बीच इस बात पर सहमति बनी कि किसी भी स्थिति में डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा. यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

लाउडस्पीकर के लिए नियम तय
लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए. निर्णय लिया गया कि पूजा समितियों को अनुमति लेने के बाद ही सीमित संख्या में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि धार्मिक आयोजन भी सुचारु रूप से हो और आम लोगों को असुविधा न हो.

सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. बैठक में स्पष्ट किया गया कि भ्रामक खबर फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

घाटों की सफाई और रोशनी के निर्देश
नगर परिषद बक्सर को निर्देश दिया गया कि पर्व की पूर्व संध्या तक पूरे शहर में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए. खासतौर पर गंगा घाटों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.











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