कहा कि भगत सिंह के विचार आज 1947 के पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. उनका लक्ष्य समाजवाद के रास्ते साम्यवाद की स्थापना करना था, जहां शोषण, गैर बराबरी, जातिगत भेदभाव और धार्मिक उन्माद का कोई स्थान न हो.
- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 95वीं पुण्यतिथि पर जनसभा का आयोजन
- वक्ताओं ने कहा— आज के दौर में और प्रासंगिक हो गए हैं भगत सिंह के विचार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : दलसागर खेल मैदान में सोमवार को भगत सिंह विचार मंच के तत्वाधान में महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 95वीं शहादत दिवस पर आयोजित जनसभा में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही, जहां वक्ताओं ने क्रांतिकारियों के विचारों को आज के समाज के लिए बेहद जरूरी बताया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के जितेंद्र कुमार ने की, जबकि संचालन धनजी कुमार ने किया. अध्यक्षीय संबोधन में जितेंद्र कुमार ने कहा कि भगत सिंह के विचार आज 1947 के पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. उनका लक्ष्य समाजवाद के रास्ते साम्यवाद की स्थापना करना था, जहां शोषण, गैर बराबरी, जातिगत भेदभाव और धार्मिक उन्माद का कोई स्थान न हो.
धनजी आजाद ने कहा कि भगत सिंह देश में आमूल-चूल बदलाव चाहते थे और उनका सपना एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना करना था. विश्वा यादव ने कहा कि भगत सिंह के विचारों पर ही लोहिया जैसे नेता आगे बढ़े. वहीं लकी जायसवाल ने कहा कि भगत सिंह का विचार पाखंडवाद के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन था.
अन्य वक्ताओं में चंद्रमा राम, सतीश मौर्य, संतोष यादव, रमेश भारती, संदीप कुमार, राहुल आजाद, अजय आजाद, सुजीत कुमार, अखिलेश कुमार, राकेश यादव, ददन पासवान, संजय यादव, मुन्ना कुशवाहा, फूल कुमारी, मनु कुशवाहा, रंजीत कुमार सहित कई लोग शामिल रहे.




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