भोजन बैंक बना जरूरतमंदों का सहारा, मजबूत हुआ सेवा का संकल्प ..

कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और आम लोगों को तन, मन व धन से सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है.







                                 



  • भागीरथी सहयोग सेवा संस्थान ने निःशुल्क भोजन कराकर पेश की मिसाल
  • जनसहयोग से चल रहा अभियान, 29 मार्च को फिर जुटने की अपील

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : भागीरथी सहयोग सेवा संस्थान के तहत संचालित भोजन बैंक बक्सर द्वारा रविवार को 50वें सप्ताह में जरूरतमंदों को प्रसाद स्वरूप निःशुल्क भोजन कराया गया. सेवा और समर्पण की इस पहल ने एक बार फिर समाज में मानवता का संदेश मजबूत किया.

कार्यक्रम का संचालन राजू कुशवाहा (बीडीसी प्रतिनिधि कमरपुर), मनोज वर्मा एवं गुप्तेश्वर पटेल ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर मोहन वर्मा, ललन राम एवं शिक्षक लक्ष्मी नारायण ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और आम लोगों को तन, मन व धन से सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है.

इस आयोजन में न्यू स्वर्णकार एसोसिएशन बक्सर के अध्यक्ष मनोज वर्मा एवं उनकी टीम ने खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई, वहीं शिवानंद उपाध्याय ने आर्थिक सहयोग दिया. कार्यक्रम में मनोज वर्मा, मदन मोहन वर्मा, अनिल वर्मा, चंदन वर्मा, राजेश वर्मा, अमन उपाध्याय, अजित वर्मा (चुरामनपुर), बजरंगी सिंह, शिवम राय, शिक्षक राम कुंडल प्रसाद, प्रमोद केसरी सहित कई गणमान्य लोग एवं अभिभावक उपस्थित रहे.

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के अध्यक्ष दीनानाथ जी, अधिवक्ता राजेश कुमार यादव एवं दिव्यांग संघ जिलाध्यक्ष जितेंद्र ठाकुर ने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया. साथ ही भुआली वर्मा एवं नेसार अंसारी के सहयोग से गौ माता के लिए गौ-ग्रास सेवा भी की गई.

संस्थान के सचिव राजीव कुमार एवं मार्गदर्शन टीम के गुप्तेश्वर पटेल ने बताया कि आगामी रविवार 29 मार्च 2026 को सुबह 09 बजे बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में पुनः भोजन वितरण किया जाएगा. उन्होंने आमजन से अपील की कि इस पुनीत कार्य में शामिल होकर जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पुण्य के भागी बनें.











Post a Comment

0 Comments