इटाढ़ी क्रॉसिंग आरओबी अब भी अधूरा, जल्द शुरु होने की आस में लोग ..

रेलवे ट्रैक के उत्तर दिशा की ओर जाने वाले एप्रोच रोड का अधिकांश हिस्सा तैयार हो चुका है. यहां मिट्टी भराई और बेस का कार्य पूरा हो गया है, जबकि सड़क पर अंतिम परत चढ़ाने और समतलीकरण का काम शेष है, जिसे जल्द पूरा करने की योजना है.


 





                               




  • 2022 में शुरू हुई योजना, कई बार बदली समय-सीमा
  • जाम से त्रस्त लाखों लोगों को राहत का इंतजार, एप्रोच रोड अंतिम दौर में

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल इटाढ़ी गुमटी पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज वर्षों बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है. 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन देरी के कारण अब भी हजारों वाहन प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझ रहे हैं. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर यह संकेत मिल रहा है कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह तक इस पुल को आम यातायात के लिए खोल दिया जा सकता है.

शुरुआती दौर में विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते काम की रफ्तार धीमी रही, लेकिन अब निर्माण कार्य में तेजी देखने को मिल रही है. रेलवे ट्रैक के उत्तर दिशा की ओर जाने वाले एप्रोच रोड का अधिकांश हिस्सा तैयार हो चुका है. यहां मिट्टी भराई और बेस का कार्य पूरा हो गया है, जबकि सड़क पर अंतिम परत चढ़ाने और समतलीकरण का काम शेष है, जिसे जल्द पूरा करने की योजना है.

दक्षिण दिशा में भी पहुंच मार्ग की भराई का कार्य समाप्त हो चुका है. फिलहाल किनारों को मजबूत करने के लिए पत्थर लगाने का काम जारी है. इसके बाद यहां भी सड़क को पूरी तरह तैयार कर डामरीकरण किया जाएगा.अधिकारियों का कहना है कि तय समय के भीतर सभी शेष कार्य पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है.

जाम से लोगों की परेशानी बरकरार


इटाढ़ी गुमटी लंबे समय से जाम की समस्या का केंद्र बना हुआ है. विशेषकर शादी-विवाह के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं. इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है.

एम्बुलेंस, स्कूल बस और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. यह मार्ग बक्सर को इटाढ़ी, नावानगर, केसठ, राजपुर और दिनारा जैसे क्षेत्रों से जोड़ता है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है.

मुख्य पुल तैयार, फिनिशिंग बाकी

ओवरब्रिज का मुख्य ढांचा पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। अब केवल एप्रोच रोड और अन्य फिनिशिंग से जुड़े काम बचे हैं. यही वजह है कि विभाग इस चरण को तेजी से पूरा करने में जुटा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात शुरू कराया जा सके.

लागत और समय सीमा में बढ़ोतरी


इस परियोजना को जनवरी 2022 में मंजूरी मिली थी। लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से इसे अक्टूबर 2022 में शुरू किया गया था। शुरुआत में इसे जनवरी 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से समय सीमा आगे बढ़ती गई। अब नई संभावित तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है.

लंबे आंदोलन के बाद मिली स्वीकृति

स्थानीय स्तर पर इस ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से उठती रही है। कांग्रेस नेता टीएन चौबे के अनुसार, वर्ष 2012 में इस मांग को लेकर उनके द्वारा रेल चक्का जाम भी किया गया था, जिससे हावड़ा-दिल्ली रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित हुआ था. इस दौरान उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था.

उनका कहना है कि वर्ष 2013 में योजना को मंजूरी तो मिल गई, लेकिन बाद में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते निर्माण कार्य में लगातार देरी होती रही.

अब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही यह ओवरब्रिज तैयार होगा और वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत मिलेगी.













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