किताबी ज्ञान से आगे बढ़ी समझ, क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई बौद्धिक क्षमता ..

इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं सेमेस्टर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता तथा प्रतियोगी भावना को विकसित करना था.

क्विज प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थी






                                 



  • महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में हुआ आयोजन
  • सामान्य ज्ञान और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित हुई प्रतियोगिता
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के तत्वावधान में सोमवार को महाविद्यालय परिसर में पूर्व निर्धारित क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं सेमेस्टर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता तथा प्रतियोगी भावना को विकसित करना था.

क्विज प्रतियोगिता वीक्षकों की निगरानी में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई. पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया. प्रतियोगिता में छात्रों ने पूरे उत्साह और लगन के साथ भाग लिया, जिससे महाविद्यालय परिसर में ज्ञानवर्धक वातावरण देखने को मिला.
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह ने कहा कि ऐसी शैक्षणिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करती हैं. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति महाविद्यालय के शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में बढ़ते कदम का परिचायक है.
स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विरेन्द्र कुमार ने कहा कि क्विज प्रतियोगिता विद्यार्थियों के ज्ञान को परखने और उसे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है. इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों में अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ती है और वे नई जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं.
वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ. नवीन शंकर पाठक ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से समृद्ध करने के साथ-साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रेरित करते हैं. विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती है.
प्रतियोगिता के दौरान वीक्षक के रूप में डॉ. अर्चना मिश्रा, डॉ. जयप्रकाश मिश्रा, डॉ. प्रीति मौर्या, डॉ. प्रियरंजन चौबे, डॉ. इशरार आलम तथा डॉ. आलोक कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के सफल आयोजन पर महाविद्यालय परिवार ने स्नातकोत्तर इतिहास विभाग की सराहना करते हुए प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.










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