पीड़ित ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया था.
- अमरकांत रजक को मिला 7 लाख 67 हजार रुपये का ड्राफ्ट, शेष राशि राज्य आयोग से होगी प्राप्त
- ईंट निर्माण मशीन नहीं देने पर उपभोक्ता आयोग पहुंचा था मामला
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन करते हुए विपक्षी एस के इंजीनियरिंग, बरेली ने बुधवार को परिवादी अमरकांत रजक को 7 लाख 67 हजार 422 रुपये का ड्राफ्ट सौंपा. वहीं शेष 3 लाख 7 हजार रुपये भी उपभोक्ता को राज्य उपभोक्ता आयोग से प्राप्त होंगे. इस प्रकार कंपनी को कुल 10 लाख 74 हजार रुपये का भुगतान करना होगा.
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता विष्णु दत्त द्विवेदी ने बताया कि सिमरी थाना क्षेत्र के केशवपुर निवासी अमरकांत रजक ने कंपनी से ईंट निर्माण मशीन खरीदने के लिए भुगतान किया था. आरोप है कि राशि लेने के बावजूद कंपनी ने मशीन उपलब्ध नहीं कराई. इसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया था.
आयोग के आदेश के बाद विपक्षी कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की थी. अपील के दौरान नियमानुसार कंपनी ने 3 लाख 7 हजार रुपये राज्य आयोग में जमा कराए थे. वहीं जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा था कि निर्धारित राशि का भुगतान दो माह के भीतर करना होगा. समय सीमा के अंदर भुगतान नहीं होने पर 8 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा.
फैसले के अनुपालन में राज्य आयोग में जमा राशि को समायोजित करते हुए शेष 7 लाख 67 हजार 422 रुपये का भुगतान परिवादी को कर दिया गया. जबकि बाकी 3 लाख 7 हजार रुपये परिवादी को राज्य उपभोक्ता आयोग से प्राप्त होंगे.
बुधवार को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सह सेवानिवृत्त न्यायाधीश वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह ने परिवादी को ड्राफ्ट प्रदान किया. आयोग के इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.






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