बस में बैठने के बाद कंडक्टर ने परिवादी से जबरन 25 रुपये वसूल लिए और पैसे नहीं देने पर बीच रास्ते में ही पत्नी समेत उतारने की धमकी दी. देर रात हुई इस घटना और दुर्व्यवहार के कारण परिवादी को भारी मानसिक क्लेश और अपमान का सामना करना पड़ा.
- निशुल्क बस सेवा में यात्रा के लिए वसूले थे 25 रुपये
- लीगल नोटिस लेने से किया इनकार तो ली उपभोक्ता आयोग की शरण
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में त्रुटि को लेकर इंडिगो एयरवेज और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. यह मामला परिवाद पत्र संख्या 39/2026 से संबंधित है, जिसकी सुनवाई अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ द्वारा बुधवार को की गई. जिला आयोग ने परिवाद पत्र को स्वीकार करते हुए दोनों विपक्षी कंपनियों को नोटिस जारी कर तय समय में अपना प्रति-उत्तर दाखिल करने को कहा है.
इस संबंध में परिवादी विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने विगत 16 नवंबर 2025 को अपनी पत्नी के साथ जयपुर से वाराणसी के लिए इंडिगो एयरवेज में टिकट बुक कराया था. इसमें पहली फ्लाइट जयपुर से दिल्ली की थी तथा कुछ घंटे के अंतराल पर दिल्ली से बनारस की दूसरी कनेक्टिंग फ्लाइट निर्धारित थी. एयरलाइंस कंपनी द्वारा दोनों विमानों की यात्रा का किराया एक साथ लिया गया था और यह आश्वासन दिया गया था कि उनका सारा लगेज सीधे बनारस में ही प्राप्त होगा. इसके साथ ही कंपनी ने यह भी बताया था कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देर रात 12:30 बजे उतरने के बाद, टर्मिनल 3 से टर्मिनल 1 तक जाने के लिए यात्रियों को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी.
दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद जब परिवादी ने इंडिगो सहायता केंद्र से जानकारी ली, तो उन्हें बताया गया कि पिलर नंबर 12 से मुफ्त बस सेवा उपलब्ध है. लेकिन बस में बैठने के बाद कंडक्टर ने परिवादी से जबरन 25 रुपये वसूल लिए और पैसे नहीं देने पर बीच रास्ते में ही पत्नी समेत उतारने की धमकी दी. देर रात हुई इस घटना और दुर्व्यवहार के कारण परिवादी को भारी मानसिक क्लेश और अपमान का सामना करना पड़ा. इस संबंध में परिवादी ने विपक्षियों को एक लीगल नोटिस भी भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली और सेवा में कमी व मानसिक प्रताड़ना को लेकर 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल कर दिया, जिस पर अब आयोग ने संज्ञान लिया है.






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