अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से लैस हुआ डुमरांव स्टेशन परिसर, हर गतिविधि पर रहेगी चौबीसों घंटे नज़र ..

त्योहारों और मेलों के दौरान भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की निगरानी में भी यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी. स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में कैमरों की मौजूदगी से अब वे पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.





                               

- एआई और जीपीएस तकनीक से अपराधियों व संदिग्ध गतिविधियों पर लगेगी लगाम

- फेसियल रिकॉग्निशन से संदिग्धों की होगी तुरंत पहचान

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल ने यात्री सुरक्षा को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डुमरांव रेलवे स्टेशन को हाईटेक सुरक्षा प्रणाली से लैस कर दिया है. अब स्टेशन परिसर का चप्पा-चप्पा अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा. प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, फुटओवर ब्रिज, प्रवेश और निकास द्वार समेत पूरे स्टेशन परिसर में लगाए गए हाई-डेफिनिशन कैमरे यात्रियों की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेंगे. रेलवे की इस पहल से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है.

रेलवे प्रशासन के अनुसार स्टेशन पर लगाए गए कैमरे आधुनिक फेसियल रिकॉग्निशन तकनीक से लैस हैं. ये कैमरे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के चेहरे को स्कैन कर पहले से मौजूद डाटाबेस से उसका मिलान करेंगे. जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति सिस्टम की नजर में आएगा, सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल अलर्ट मिल जाएगा. इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी पहले से कहीं अधिक तेज और आसान हो सकेगी.

360 डिग्री निगरानी से स्टेशन का हर कोना रहेगा सुरक्षित

स्टेशन परिसर में लगाए गए कैमरे 360 डिग्री कवरेज देने में सक्षम हैं. इन्हें इस तरह से स्थापित किया गया है कि स्टेशन का कोई भी हिस्सा निगरानी से बाहर न रहे. टिकट काउंटर से लेकर प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम तक हर गतिविधि सीधे कंट्रोल रूम में रिकॉर्ड होगी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे स्टेशन परिसर में होने वाली चोरी, छिनतई और नशाखुरानी जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा.

एआई और मोशन डिटेक्शन तकनीक से बढ़ी निगरानी की ताकत

इन हाईटेक कैमरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मोशन डिटेक्शन तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है. यह स्मार्ट प्रणाली भीड़भाड़ के बीच किसी भी असामान्य गतिविधि, लावारिस वस्तु या अपराध की आशंका को तुरंत पहचान सकती है. जैसे ही कोई संदिग्ध हलचल दर्ज होगी, आरपीएफ और जीआरपी को तुरंत सूचना मिल जाएगी और सुरक्षा बल तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंच जाएंगे.

रात में भी साफ दिखेगी हर गतिविधि

रेलवे द्वारा लगाए गए कैमरों में हाई-डेफिनिशन और नाइट विजन तकनीक भी मौजूद है. इससे रात या कम रोशनी में भी स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकेंगे. रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तकनीक से रात के समय होने वाली आपराधिक घटनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा.

यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और निश्चिंत सफर

नई सुरक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार कैमरों की मदद से न केवल अपराधों पर नियंत्रण होगा, बल्कि खोए हुए बच्चों और बुजुर्गों को उनके परिवारों से मिलाने में भी मदद मिलेगी. त्योहारों और मेलों के दौरान भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की निगरानी में भी यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी. स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में कैमरों की मौजूदगी से अब वे पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

48 स्टेशनों पर चल रहा सुरक्षा आधुनिकीकरण अभियान

दानापुर मंडल के पीआरओ तनबीरुल हक ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पूरे मंडल में 48 स्टेशनों को आधुनिक सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है. अब तक डुमरांव सहित दानापुर, मोकामा, लखीसराय, हाथीदह, बिहारशरीफ, जमुई, झाझा, खुसरूपुर, पुनपुन, जहानाबाद, इसलामपुर, हिलसा, परसा बाजार और बाढ़ समेत करीब 31 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य पूरा हो चुका है. वहीं शेष 17 स्टेशनों पर इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से जारी है.

रेलवे की पहल से बढ़ा यात्रियों का भरोसा

डुमरांव रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई यह हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था यात्रियों के लिए राहत और भरोसे का नया माध्यम बनेगी. सामाजिक कार्यकर्ता तथा रेल यात्रियों के मददगार राजीव रंजन सिंह ने रेलवे की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी. यात्रियों का मानना है कि अब डुमरांव स्टेशन पर सफर करना पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है.














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