व्हाट्सऐप हैक करने के बाद अपराधी कांटेक्ट लिस्ट में जुड़े लोगों को इमरजेंसी या जरूरत बताकर रुपये मांगते हैं. कई बार लोग भरोसे में आकर पैसे भेज भी देते हैं.
- डुमरांव नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के नाम पर साइबर अपराधियों ने भेजे मैसेज
- पहले भी बक्सर में कई चर्चित लोग बन चुके हैं व्हाट्सऐप हैकिंग के शिकार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर . जिले में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है. ताजा मामले में डुमरांव नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर अपराधियों ने उनके परिचितों से रुपये मांगने शुरू कर दिए. अचानक ईओ के नाम से पैसे मांगने वाले संदेश मिलने के बाद लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई. मामले की जानकारी मिलते ही राहुलधर दुबे ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सतर्क करते हुए अपील की कि उनके नाम से आने वाले किसी भी मैसेज, लिंक या रुपये की मांग पर भरोसा न करें.
साइबर अपराधी अब लोगों के परिचितों की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी का नया तरीका अपना रहे हैं. व्हाट्सऐप हैक करने के बाद अपराधी कांटेक्ट लिस्ट में जुड़े लोगों को इमरजेंसी या जरूरत बताकर रुपये मांगते हैं. कई बार लोग भरोसे में आकर पैसे भेज भी देते हैं. डुमरांव नगर परिषद के ईओ के मामले में भी अपराधियों ने इसी तरीके से लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बक्सर में यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले रेड क्रॉस के प्रदेश पदाधिकारी दिनेश जायसवाल और बक्सर कांग्रेस नेता डॉ सत्येंद्र ओझा का व्हाट्सऐप अकाउंट भी हैक हो चुका है. उनके नाम से भी परिचितों को संदेश भेजकर रुपये मांगने का प्रयास किया गया था. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
संदिग्ध लिंक और ओटीपी से रहें सावधान
साइबर थाना के एसआई श्रीकांत ने बताया कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें. अनजान कॉल या मैसेज पर ओटीपी, पिन अथवा वेरिफिकेशन कोड साझा नहीं करें. यदि किसी परिचित के नाम से रुपये मांगने वाला संदेश आए तो पहले सीधे फोन कर उसकी पुष्टि जरूर करें. किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराएं.






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