दावा किया कि राज्य में साक्षरता दर अभी भी लगभग 70 प्रतिशत है और शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं व्यापक शिक्षा के लिए निजी क्षेत्र को अधिक स्वतंत्रता और सहयोग दिया जाना चाहिए.
बक्सर के शिक्षा संवाद में RTE भुगतान, नई शिक्षा नीति और प्रशासनिक समन्वय के मुद्दे उठे
निजी विद्यालय संचालकों ने कहा- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार और स्कूलों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के निजी विद्यालयों ने गुरुवार को आयोजित "शिक्षा संवाद" कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के समक्ष शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं और सुझावों को रखा. वैष्णवी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के निबंधित, गैर-निबंधित एवं संबद्धता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधक और प्राचार्य बड़ी संख्या में शामिल हुए. कार्यक्रम का आयोजन प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) द्वारा किया गया.
संवाद के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप पाठक ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में साक्षरता दर अभी भी लगभग 70 प्रतिशत है और शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं व्यापक शिक्षा के लिए निजी क्षेत्र को अधिक स्वतंत्रता और सहयोग दिया जाना चाहिए.
डॉ. प्रदीप पाठक और कैंब्रिज स्कूल के निदेशक डॉ. मोहन चौबे ने नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याओं, आरटीई के तहत पढ़ाए गए बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि के लंबित भुगतान तथा विद्यालयों को प्रभावित करने वाले प्रशासनिक निर्णयों में एसोसिएशन की सलाहकारी भूमिका सुनिश्चित करने की मांग रखी. वहीं बिरला ओपन माइंड के निदेशक अंकुर राय ने आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के सुझाव दिए.
वक्ताओं ने कहा कि कई बार जिला प्रशासन के निर्देश अचानक जारी होने से अभिभावकों और विद्यालय कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में विद्यालय संगठनों के साथ नियमित संवाद आवश्यक है.
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विद्यालय संचालकों की बातों को गंभीरता से सुना. इस दौरान निजी विद्यालयों की ओर से उन्हें शॉल, बुके, पुस्तक और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन भारत प्रसाद ने किया. उन्होंने सभी विद्यालय संचालकों से संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग और निजी विद्यालयों के बेहतर समन्वय से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.





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