बक्सर में बिजली संकट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अधिकारियों से मांगा जवाब ..

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि तकनीकी कमियों को जल्द दूर किया जाए, भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए मजबूत विद्युत नेटवर्क तैयार किया जाए तथा शटडाउन से पहले उपभोक्ताओं को मोबाइल के माध्यम से सूचना देना अनिवार्य किया जाए.





                              



  • लगातार पावर कट पर एसडीएम सख्त, तकनीकी खामियां दूर करने के दिए निर्देश
  • मेंटेनेंस से पहले उपभोक्ताओं को मोबाइल पर सूचना और भविष्य की जरूरत के अनुरूप मजबूत बिजली नेटवर्क बनाने पर जोर

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती और पावर संकट को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों से बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति पर जवाब मांगा. बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि तकनीकी कमियों को जल्द दूर किया जाए, भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए मजबूत विद्युत नेटवर्क तैयार किया जाए तथा शटडाउन से पहले उपभोक्ताओं को मोबाइल के माध्यम से सूचना देना अनिवार्य किया जाए.

30 जून 2026 को अनुमंडल कार्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी ने की. बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर एवं ग्रामीण विद्युत विभाग के सहायक कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. एसडीएम ने कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन घंटों तक बिजली गुल रहने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यवसाय, शिक्षा और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति बार-बार क्यों उत्पन्न हो रही है.

जवाब में विद्युत विभाग के अभियंताओं ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इंडक्शन चूल्हों, एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग काफी बढ़ गया है. भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ने से ट्रांसमिशन लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ रहा है. कई स्थानों पर तार गर्म होकर जल जा रहे हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है और मरम्मत में समय लग जाता है.

इस पर एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल वर्तमान जरूरत को नहीं, बल्कि अगले 10 से 20 वर्षों में बढ़ने वाली आबादी और बिजली की संभावित मांग को ध्यान में रखकर योजना तैयार की जाए. जहां भी नए तार बिछाए जाएं, वहां उनकी मोटाई और करंट वहन क्षमता भविष्य के बढ़ते लोड के अनुरूप निर्धारित की जाए, ताकि बार-बार तकनीकी खराबियों की समस्या उत्पन्न न हो.

बैठक में अभियंताओं ने यह भी बताया कि समय-समय पर बिजली लाइनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए शटडाउन लेना आवश्यक होता है. इस पर एसडीएम ने निर्देश दिया कि रूटीन मेंटेनेंस की पहले से योजना बनाई जाए और शटडाउन का समय निर्धारित कर उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश के माध्यम से इसकी पूर्व सूचना दी जाए. इससे लोग अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरा कर सकेंगे और विभाग को भी मेंटेनेंस कार्य के दौरान जनसहयोग प्राप्त होगा.

एसडीएम ने कहा कि बिजली आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवा को निर्बाध बनाए रखने के लिए लाइनमैन और अन्य कर्मचारी दिन-रात कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं. ऐसे कर्मियों के कार्यों का सम्मान करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि या अन्य इंसेंटिव देने पर भी विभाग को विचार करना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.












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