मुद्रा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना नए उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों के लिए काफी लाभकारी है. बैंक ने इसकी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है, जिससे आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक आसान हो गई है.

- हाउसिंग लोन पर 7.10 प्रतिशत से शुरू ब्याज दर, sivil स्कोर के आधार पर मिलता है लाभ
- मुद्रा योजना, गोल्ड लोन और कृषि ऋण के जरिए स्वरोजगार व किसानों को मिल रही वित्तीय मजबूती
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बदलते दौर में बैंकिंग सेवाएं केवल जमा और निकासी तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि लोगों के सपनों को साकार करने का माध्यम भी बन चुकी हैं. घर बनाने से लेकर वाहन खरीदने, बच्चों की उच्च शिक्षा और नया कारोबार शुरू करने तक बैंकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है. इसी कड़ी में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बक्सर शाखा ग्राहकों को कम ब्याज दर, सरल प्रक्रिया और बेहतर सेवा के साथ विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है.
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बक्सर शाखा के प्रबंधक सौरभ कृष्ण तिवारी ने बताया कि बैंक मुख्य रूप से हाउसिंग लोन, व्हीकल लोन और एजुकेशन लोन जैसी रिटेल बैंकिंग सेवाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है. उन्होंने कहा कि हाउसिंग लोन की ब्याज दर 7.10 प्रतिशत से शुरू होती है, जो ग्राहक के सिबिल स्कोर पर निर्भर करती है. जिन ग्राहकों का सिबिल स्कोर बेहतर होता है, उन्हें कम ब्याज दर का लाभ मिलता है.
उन्होंने बताया कि ऋण प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है. नौकरीपेशा आवेदकों को सैलरी स्लिप और फॉर्म-16 प्रस्तुत करना होता है, जबकि व्यवसाय से जुड़े लोगों को आयकर रिटर्न (आईटीआर) और जीएसटीआर का विवरण देना पड़ता है. इससे बैंक को आवेदक की आय और पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करने में सुविधा होती है.
शाखा प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना नए उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों के लिए काफी लाभकारी है. बैंक ने इसकी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है, जिससे आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक आसान हो गई है. इसके लिए उद्यम रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं. साथ ही एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करनी होती है, जिसमें व्यवसाय की रूपरेखा, निवेश और आय के संभावित स्रोतों का उल्लेख रहता है.
गोल्ड लोन के संबंध में उन्होंने बताया कि बैंक ने इसे तीन श्रेणियों—रिटेल, व्यवसायिक और कृषि—में विभाजित किया है. व्यक्तिगत जरूरतों, व्यापारिक आवश्यकताओं और किसानों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था की गई है. विशेष रूप से कृषि गोल्ड लोन किसानों को 8.35 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो अन्य कई विकल्पों की तुलना में किफायती है.
गोल्ड लोन के पुनर्भुगतान को लेकर भी बैंक ग्राहकों को पर्याप्त लचीलापन प्रदान करता है. ग्राहक चाहें तो एक वर्ष बाद एकमुश्त राशि जमा कर सकते हैं, केवल मासिक ब्याज का भुगतान कर सकते हैं या दो वर्ष की अवधि तक ईएमआई के माध्यम से ऋण चुका सकते हैं. इससे ग्राहकों को अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है.
सौरभ कृष्ण तिवारी ने कहा कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र वर्तमान में मिड-साइज बैंकों की श्रेणी में अग्रणी संस्थानों में शामिल है. कम ब्याज दर, ग्राहक हितैषी नीतियां और बेहतर सेवा बैंक की प्रमुख पहचान हैं. उन्होंने लोगों से बैंक की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने की अपील की. अधिक जानकारी के लिए ग्राहक बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बक्सर शाखा में संपर्क कर सकते हैं.
वीडियो :




.png)








0 Comments