ऐसे मामलों में बंदियों को संबंधित देश के प्रतिनिधियों को सौंपे जाने तक सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है. डिटेंशन सेंटर बनने के बाद प्रशासनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलने की संभावना जताई जा रही है.
- करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
- 4400 स्क्वायर फीट क्षेत्र में जी प्लस टू भवन, सीसीटीवी निगरानी के साथ आधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के सेंट्रल जेल परिसर के बाहर गंगा तट के समीप बिहार का पहला डिटेंशन सेंटर बनाया जाएगा. इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है. प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह डिटेंशन सेंटर करीब 4400 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा. यह बिहार का इकलौता डिटेंशन सेंटर होगा, जहां विदेशी महिला एवं पुरुष बंदियों को रिहाई के बाद सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखने की व्यवस्था की जाएगी.
वर्तमान समय में ऐसे मामलों में प्रशासन को अलग-अलग व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे मामलों में बंदियों को संबंधित देश के प्रतिनिधियों को सौंपे जाने तक सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है. डिटेंशन सेंटर बनने के बाद प्रशासनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलने की संभावना जताई जा रही है.
विदेशी महिला और पुरुष बंदियों के लिए होगा निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए न केवल जमीन का चयन किया गया है, बल्कि भवन की ड्राइंग को भी स्वीकृति मिल चुकी है. इसके निर्माण का उद्देश्य विदेशी महिला एवं पुरुष बंदियों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है. प्रशासन का मानना है कि इससे संबंधित मामलों के संचालन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
जी प्लस टू भवन में होंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित डिटेंशन सेंटर को जी प्लस टू भवन के रूप में विकसित किया जाएगा. भवन निर्माण विभाग की ओर से तैयार प्रारंभिक रूपरेखा में सुरक्षा, सुविधा और आवश्यक मानकों को प्राथमिकता दी गई है. भवन को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है. यहां पर्याप्त कमरे, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, बिजली, वेंटिलेशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी.
सीसीटीवी निगरानी के साथ होगी कड़ी सुरक्षा
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पूरे डिटेंशन सेंटर परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा. चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था होने से परिसर के अंदर और बाहर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी. इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
विशाल लॉन और हरियाली से मिलेगा बेहतर वातावरण
डिटेंशन सेंटर परिसर के एक बड़े हिस्से को गार्डन और विशाल लॉन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. गंगा तट के समीप स्थित होने के कारण यहां का प्राकृतिक वातावरण परिसर की सुंदरता को और बढ़ाएगा. हरियाली और खुला क्षेत्र बेहतर माहौल तैयार करने में भी सहायक होगा.
बक्सर में पहले भी बनी थी बिहार की पहली ओपन जेल
बक्सर जिले में बिहार की पहली ओपन जेल की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी. यह जेल उन कैदियों के लिए बनाई गई थी जिनका व्यवहार अच्छा रहा है और जो पेशेवर अपराधी नहीं थे. यहां कैदियों को परिवार के साथ रहने के लिए फ्लैट उपलब्ध कराए गए थे तथा उन्हें रोजगार करने की भी सुविधा दी गई थी. अब बक्सर में ही बिहार का पहला डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी चल रही है.
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद शुरू होगा निर्माण
इस संबंध में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रूपेश कुमार ने बताया कि योजना के लिए जमीन चयन और भवन की ड्राइंग स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजी गई है. स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा.
महानिरीक्षक (कारा एवं सुधार सेवाएं) रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि किसी आपराधिक मामले में पकड़े गए विदेशी नागरिक को न्यायालय से रिहाई के बाद उनके देश के प्रतिनिधियों को सौंपे जाने से पहले सुरक्षित रखने के उद्देश्य से डिटेंशन सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. इसी आवश्यकता को देखते हुए बक्सर में इस केंद्र के निर्माण की योजना बनाई गई है.






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