प्रतियोगिता में बिहार के 22 जिलों के लगभग 270 खिलाड़ी, कोच और रेफरी शामिल हुए. प्रतियोगिता में भोजपुर जिले की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ताओलू स्पर्धा में 39 अंकों के साथ उपविजेता तथा सांडा स्पर्धा में 59 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया.
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| दीक्षा और निधि के साथ सौम्या (बीच में) |
- अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दीक्षा-निधि के प्रशिक्षण का मिला शानदार परिणाम
- राज्य प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन कर बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के केसठ प्रखंड स्थित रामपुर गांव की बेटी सौम्या कुमारी ने राज्यस्तरीय वुशू प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है. भाजपा नेता सोनू तिवारी की पुत्री सौम्या की इस उपलब्धि ने बक्सर और भोजपुर के खेल जगत को गौरवान्वित किया है. खास बात यह है कि उनकी सफलता के पीछे अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ियों दीक्षा सिंह और निधि सिंह का वर्षों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिखाई दे रहा है.
भागलपुर के खेल भवन सह व्यायामशाला में 5 से 7 जून तक आयोजित 16वीं बिहार राज्य सब जूनियर एवं जूनियर बालक-बालिका वुशू प्रतियोगिता में बिहार के 22 जिलों के लगभग 270 खिलाड़ी, कोच और रेफरी शामिल हुए. प्रतियोगिता में भोजपुर जिले की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ताओलू स्पर्धा में 39 अंकों के साथ उपविजेता तथा सांडा स्पर्धा में 59 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया.
ताओलू स्पर्धा में चमकी सौम्या
सब जूनियर वर्ग की ताओलू स्पर्धा में सौम्या कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. उनकी तकनीक, संतुलन और आत्मविश्वास ने निर्णायकों को प्रभावित किया. प्रतियोगिता में प्रिंस कुमार ने स्वर्ण तथा अंकुश दुबे ने रजत पदक जीता. वहीं जूनियर वर्ग में रणवीर राज और रिधि कुमारी ने स्वर्ण, जबकि इशांत ठाकुर एवं राजलक्ष्मी ने रजत पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया.
पढ़ाई के साथ साध रही खेल का लक्ष्य
सौम्या वर्तमान में आरा में रहकर पढ़ाई के साथ वुशू का नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं. बचपन से ही खेलों के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है. लगातार अभ्यास और अनुशासित दिनचर्या ने उन्हें राज्य स्तर पर सफलता दिलाई है. उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
दीक्षा और निधि के मार्गदर्शन ने बदली तस्वीर
अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी रह चुकीं दीक्षा सिंह और निधि सिंह वर्षों से क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने में जुटी हैं. दोनों बहनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है. अब वे अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से नई पीढ़ी को तैयार कर रही हैं. उनके प्रशिक्षण में कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों बहनों के प्रयासों से वुशू खेल को जिले में नई पहचान मिली है और बड़ी संख्या में बेटियां इस खेल से जुड़ रही हैं.
खिलाड़ियों और अधिकारियों का भी रहा योगदान
प्रतियोगिता में भोजपुर जिले से 32 खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों की टीम ने भाग लिया. बालिका वर्ग की कोच पूजा सिंह तथा बालक वर्ग के कोच नंदन कुमार रहे. वुशू एकलव्य केंद्र भोजपुर के एनआईएस कोच ऋषभ कुमार तिवारी तकनीकी पदाधिकारी तथा भोजपुर वुशू संघ के महासचिव राजेश प्रसाद ठाकुर जूरी ऑफ अपील की भूमिका में रहे. समापन समारोह में दोनों अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया.
भोजपुर वुशू संघ के अध्यक्ष डॉ. के.एन. सिन्हा, उपाध्यक्ष स्मिता सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. उन्होंने सौम्या की उपलब्धि को जिले की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया. वहीं राजेश प्रसाद ठाकुर ने कहा कि वुशू एक लोकप्रिय मार्शल आर्ट है और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों का चयन एशियाई खेलों तथा विश्व चैंपियनशिप के लिए किया जाता है.





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