डीडीसी पर मनमानी का आरोप लगाकर जिला परिषद सदस्यों ने किया प्रदर्शन ..

कहना था कि वर्तमान डीडीसी द्वारा नियम-कानून को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है, जिसका खामियाजा जिला परिषद सदस्यों के साथ-साथ आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है.






                              



  • विकास कार्यों की स्वीकृति और भुगतान में देरी को लेकर जताई नाराजगी
  • डीडीसी बोलीं- विभागीय नियमों के तहत हो रही कार्रवाई, जल्द पूरे होंगे लंबित कार्य

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला परिषद बक्सर में विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को जिला परिषद सदस्यों ने जिला परिषद कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) निहारिका छवि पर मनमानी, अफसरशाही, दुर्व्यवहार और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया. सदस्यों का कहना था कि वर्तमान डीडीसी द्वारा नियम-कानून को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है, जिसका खामियाजा जिला परिषद सदस्यों के साथ-साथ आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है.

प्रदर्शन के दौरान जिला परिषद सदस्यों ने एक खुला पत्र जारी कर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की 15वीं वित्त आयोग, षष्ठम एवं पंचम वित्त की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति जानबूझकर लंबित रखी जा रही है. वहीं वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक स्वीकृत योजनाओं के तहत कराए गए विकास कार्यों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है.

सदस्यों ने आरोप लगाया कि डीडीसी द्वारा जिला परिषद सदस्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है तथा शिष्टाचार प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले छह माह में डीडीसी ने जिला परिषद कार्यालय में एक दिन भी बैठकर कार्य नहीं किया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. खुले पत्र में जिला परिषद की लगभग 1100 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया गया. सदस्यों का दावा था कि भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर पीपीपी मॉडल पर मार्केट, मैरेज हॉल एवं दुकानों का निर्माण कराया जाए तो जिले के विकास के साथ सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी.

प्रदर्शनकारियों ने 20 जून को पुतला दहन, 22 जून को अर्धनग्न प्रदर्शन, 24 जून को काली पट्टी बांधकर विरोध, 26 जून को कालिख पोतो अभियान, 28 जून को अंडा फोड़ो कार्यक्रम तथा 30 जून को अर्थी जुलूस निकालने की घोषणा की.

वहीं, इस मामले में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि जिला परिषद से जुड़े सभी कार्य विभागीय नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों की मांग थी कि सभी लंबित भुगतानों का एक साथ निपटारा कर दिया जाए, जबकि यह संभव नहीं है. किसी भी भुगतान से पहले संबंधित कार्यों की जांच आवश्यक होती है. जांच के बाद विभागीय नियमों के आलोक में कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि लंबित भुगतानों समेत अन्य कार्यों का भी चरणबद्ध तरीके से शीघ्र निष्पादन कर दिया जाएगा.

प्रदर्शन में ममता देवी, बेबी देवी, गायत्री देवी, सुनैना देवी, केदार सिंह, धर्मेंद्र ठाकुर, अरमान मलिक,  राजीव कुमार समेत कई जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे.












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