शहरी एवं परिधीय क्षेत्रों में दरें दोगुनी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना बढ़ाई गई हैं. उन्होंने बताया कि 18 जून 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नई दरें प्रभावी हो गई हैं और अब सभी रजिस्ट्रियां नए दर पर की जाएंगी.
- 18 जून को हुआ नोटिफिकेशन का प्रकाशन, 18 जून से ही लागू हुई नई दरें
- 19 जून को दोपहर 2:00 तक नहीं हो पाई एक भी रजिस्ट्री
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने का सपना देखने वालों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है. राज्य सरकार के नए आदेश के बाद प्रदेश भर में जमीन की रजिस्ट्री की दरें (Circle Rate) आसमान छूने लगी हैं. इस फैसले का सबसे ज्यादा असर बक्सर जैसे जिलों में दिख रहा है, जहां 19 जून को रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज लग,भग ठप पड़ गया है.
क्या हैं नई दरें?
राज्य सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार:
शहरी क्षेत्र : रजिस्ट्री की दर को सीधे दोगुना (2 गुना) कर दिया गया है.
ग्रामीण क्षेत्र : यहाँ रजिस्ट्री की दर में 1.6 गुना की बढ़ोतरी की गई है.
बक्सर के अवर निबंधन पदाधिकारी असित कुमार ने बताया कि मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अधिसूचना संख्या 4049 के तहत पूरे बिहार में जमीन रजिस्ट्री की दरों में संशोधन किया गया है. शहरी एवं परिधीय क्षेत्रों में दरें दोगुनी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुना बढ़ाई गई हैं. उन्होंने बताया कि 18 जून 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नई दरें प्रभावी हो गई हैं और अब सभी रजिस्ट्रियां नए दर पर की जाएंगी.
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 2013 के बाद और शहरी क्षेत्रों में 2016 के बाद से पुरानी दरें लागू थीं. इतने वर्षों के बाद हुई इस भारी बढ़ोतरी ने आम जनता और रियल एस्टेट सेक्टर को चौंका दिया है.
बक्सर में अफरातफरी का माहौल
बक्सर रजिस्ट्री ऑफिस में इस समय असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 18 जून को, जिस दिन यह आदेश लागू हुआ, उस दिन 40 रजिस्ट्री का काम पूरा हो चुका था. अब विभाग के सामने यह बड़ी चुनौती है कि उन 40 लोगों से बढ़ी हुई राशि की वसूली कैसे की जाए.
फिलहाल, ऑफिस पहुंचने वाले लोग मायूस लौट रहे हैं. निबंधन पदाधिकारी ने बताया है कि उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश मांगे गए हैं. अद्यतन जानकारी मिलने के बाद ही रजिस्ट्री का काम दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो पाएगा.
जनता और डीड राइटरों में आक्रोश
रजिस्ट्री ऑफिस में मौजूद डीड राइटरों और जमीन खरीदने-बेचने आए लोगों में सरकार के इस निर्णय को लेकर खासी नाराजगी है. लोगों का कहना है:
अगर सरकार को दरें बढ़ानी ही थीं, तो इसकी घोषणा पहले की जानी चाहिए थी. रातों-रात लागू किए गए इस फैसले से आज चारों तरफ अफरातफरी का माहौल है. अचानक पड़े इस आर्थिक बोझ से आम आदमी की कमर टूट गई है.
आगे क्या?
फिलहाल बक्सर सहित पूरे बिहार में जमीन के सौदे अब महंगे हो गए हैं. जानकारों का मानना है कि इस कदम से जहां सरकारी खजाने में राजस्व बढ़ेगा, वहीं आम लोगों के लिए घर या जमीन खरीदना और कठिन हो गया है. अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस बढ़ी हुई दरों के कार्यान्वयन को लेकर और क्या स्पष्टीकरण देती है.
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