सेल्फ स्टडी से रचा इतिहास, डुमरांव की मधुबाला बनीं बीडीओ ..

कहा कि बेटियों को शिक्षित करना समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. एक शिक्षित बेटी दो परिवारों का सम्मान बढ़ाती है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि हर परिस्थिति में उन्होंने चारों बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उनके सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रेरित किया.


 




                              

  • 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 15वीं रैंक प्राप्त कर किया जिले का नाम रोशन
  • भाजपा नेता सोनू राय ने दी बधाई, छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणा

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : डुमरांव नगर की बेटी मधुबाला ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पद के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. भाजपा नेता सोनू राय ने इसे डुमरांव के लिए गौरव का क्षण बताते हुए मधुबाला एवं उनके परिवार को बधाई दी है.

राजगढ़ के पीछे महादेव दत्त की गली निवासी कमलेश कुमार और सुमन देवी की चार बेटियों में सबसे बड़ी मधुबाला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उषारानी बालिका उच्च विद्यालय से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने डुमरांव के डी.के. कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. सीमित संसाधनों के बीच सेल्फ स्टडी के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की.

मधुबाला ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करना समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. एक शिक्षित बेटी दो परिवारों का सम्मान बढ़ाती है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि हर परिस्थिति में उन्होंने चारों बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उनके सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रेरित किया.

मधुबाला का लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था. इसी उद्देश्य से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2024 में मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने बीपीएससी की तैयारी शुरू की और पहली ही कोशिश में 15वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया.

शनिवार देर शाम परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. शिक्षक अमित कुमार सिन्हा ने कहा कि मधुबाला की सफलता क्षेत्र की छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है. वहीं शिक्षक लालजी सिंह ने कहा कि कमलेश कुमार की चारों बेटियां मेधावी हैं और शिक्षा के प्रति समर्पित हैं. मधुबाला की सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे डुमरांव और बक्सर जिले का मान बढ़ाया है.












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