कहा कि अरवल और भोजपुर के बाद बक्सर में मिला व्यापक समर्थन इस बात का संकेत है कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है.
- वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने की मांग पर धरने के बाद समाहरणालय तक निकाली पदयात्रा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
- कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में जुटे शिक्षक-कर्मचारी बोले- सम्मानजनक वेतन, पेंशन और सेवा सुरक्षा मिलने तक जारी रहेगा महाआंदोलन
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : लगातार हो रही बारिश भी वित्त रहित शिक्षकों के हौसले को डिगा नहीं सकी. बुधवार को जिला मुख्यालय में वित्त रहित शिक्षा नीति के विरोध में राज्यव्यापी महाआंदोलन के तीसरे चरण के तहत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी धरना स्थल पर जुटे. धरने के बाद आंदोलनकारियों ने समाहरणालय तक पदयात्रा निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई.
मुख्य वक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद के डॉ. संजय यादव ने कहा कि चार दशकों से वित्त रहित शिक्षक सीमित संसाधनों में बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि अरवल और भोजपुर के बाद बक्सर में मिला व्यापक समर्थन इस बात का संकेत है कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता एस.एम. कॉलेज, डुमरांव के डॉ. मनोज कुमार ने की. उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी लगातार उपेक्षा कर रही है. अब समय आ गया है कि शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन, नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.
धरना के दौरान वक्ताओं ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित महाविद्यालयों एवं विद्यालयों का समायोजन करने, नियमित वेतनमान, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज स्थापना योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई.
धरना के बाद शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बैनर और तख्तियों के साथ समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली. वहां प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी, बक्सर के अध्यक्ष मुन्ना उपाध्याय, डॉ. धनंजय पाठक, डॉ. गोपाल जी, डॉ. मंजू कुमार, डॉ. नागेंद्र सिंह, प्रो. इन्द्रमणि लाल, सुरेन्द्र सिंह यादव, प्रो. अजय कुमार, मनोज कुमार, मंगलेश कुमार, प्रो. डॉ. प्रियदर्शन भगवान, अजीत कुमार, प्रो. परमहंसनाथ राय, प्रो. लखन लाल गुप्ता, पूजा कुमारी, देवन्ती गुप्ता, कुसुम देवी, भारत प्रसाद सहित विभिन्न वित्त रहित महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिक्षा प्रेमी उपस्थित रहे.
सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने तक राज्यव्यापी महाआंदोलन लगातार जारी रहेगा. वक्ताओं ने कहा कि यह केवल शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संघर्ष है.
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