वीडियो : वीडियो : मौत के बाद मिली 93 वर्षीय बंदी को रिहाई ..

बंदी अपनी आखरी सांस तक जेल में सजा भुगतेंगे. इनकी शारीरिक अवस्था ऐसी हो गई है कि दैनिक क्रिया कर्म में भी इन्हें परेशानी होती है. ना तो इन्हें आंखों से स्पष्ट दिखाई देता है और ना ही इनके हाथ-पांव ठीक से चल पाते हैं.





- कारा एवं सुधार विभाग के द्वारा दिया गया था रिहाई का आदेश
- जिले के सिमरी गांव निवासी थे मृतक

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : पूर्व सांसद व बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई के लिए कानून में बदलाव होने के बाद बक्सर सेंट्रल जेल से मंगलवार को पांच कैदियों की रिहाई होनी थी, जिसके लिए कारा विभाग के द्वारा आदेश जारी किया गया था लेकिन केवल 3 कैदियों की रिहाई ही हो सकी रामाधार राम इसलिए रिहाई नहीं मिल सकी क्योंकि उन्होंने सात हजार रुपयों का जुर्माना नहीं जमा किया था. वही, लिस्ट में शामिल पति राम राय नामक कैदी तो अपनी रिहाई की खुशी महसूस किए बगैर ही दुनिया से रुखसत हो गए हैं.

जानकारी देते हुए मुक्त कारागार अधीक्षक कुमारी शालिनी ने बताया कि जिले के सिमरी निवासी पतिराम राय हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे थे. उनकी उम्र तकरीबन 93 वर्ष हो गई थी, जिसके कारण पूर्व में ही कारा एवं सुधार विभाग को उनकी रिहाई के लिए पत्र लिखा गया था ऐसे में जब राज्य सरकार के द्वारा 14 वर्ष से अधिक सजा भुगत चुके कैदियों की रिहाई की घोषणा की गई, उसमें पति राम राय का भी नाम था. जबकि पिछले वर्ष के नवंबर माह में उनका निधन हो चुका है. 

90 से अधिक उम्र के कई कैदी जेल में बंद :

कारा अधीक्षक ने बताया कि 90 साल से अधिक उम्र के आजीवन कारावास के सजावार बंदियों की संख्या 4 से 5 के बीच में है. यह सभी बंदी अपनी आखरी सांस तक जेल में सजा भुगतेंगे. इनकी शारीरिक अवस्था ऐसी हो गई है कि दैनिक क्रिया कर्म में भी इन्हें परेशानी होती है. ना तो इन्हें आंखों से स्पष्ट दिखाई देता है और ना ही इनके हाथ-पांव ठीक से चल पाते हैं. कारा एवं सुधार विभाग से ऐसे बंदियों की रिहाई के लिए समय-समय पर अनुरोध किया जाता रहता है और वहां से आदेश मिलने के बाद राष्ट्रीय पर्व वह तथा अन्य अवसरों पर उनकी रिहाई भी होती है. 










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